2 अक्टूबर 2027 को पुडुचेरी का चौघड़िया

शनिवार, 2 अक्टूबर 2027, पुडुचेरी, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शनिवार, 2 अक्टूबर 2027 को पुडुचेरी में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल तृतीया (02:09, 3 अक्टू॰ तक), नक्षत्र स्वाति (00:03, 3 अक्टू॰ तक) और योग वैधृति है। सूर्योदय 05:59 पर और सूर्यास्त 18:00 पर है। राहुकाल 08:59 से 10:29 तक है।

दिन और रात
दिन 05:59 – 18:00
रात 05:59 तक
तिथि
तृतीया, 02:09 तक
चतुर्थी
नक्षत्र
स्वाति, 00:03 तक
विशाखा
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

2 अक्टूबर 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल05:59 – 07:29टालें
शुभ07:29 – 08:59शुभ
रोग08:59 – 10:29टालें
उद्वेग10:29 – 12:00टालें
चर12:00 – 13:30सामान्य
लाभ13:30 – 15:00शुभ
अमृत15:00 – 16:30शुभ
काल16:30 – 18:00टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ18:00 – 19:30शुभ
उद्वेग19:30 – 21:00टालें
शुभ21:00 – 22:30शुभ
अमृत22:30 – 00:00शुभ
चर00:00 – 01:29सामान्य
रोग01:29 – 02:59टालें
काल02:59 – 04:29टालें
लाभ04:29 – 05:59शुभ

2 अक्टूबर 2027 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
शुक्ल तृतीया 02:09, 3 अक्टू॰ तक
शुक्ल चतुर्थी 01:28, 4 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
स्वाति 00:03, 3 अक्टू॰ तक
विशाखा 00:00, 4 अक्टू॰ तक
योग
वैधृतिअशुभ 15:41 तक
विष्कंभअशुभ 13:45, 3 अक्टू॰ तक
करण
तैतिल 14:46 तक
गर 02:09, 3 अक्टू॰ तक
वणिज 13:43, 3 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकन्या
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:59
सूर्यास्त
18:00
चंद्रोदय
07:48
चंद्रास्त
19:38
दिनमान
12h 1m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:23 – 05:11
अभिजीत मुहूर्त
11:36 – 12:24

अशुभ समय

राहुकाल
08:59 – 10:29
यमगंड
13:30 – 15:00
गुलिक काल
05:59 – 07:29

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि05:5906:59दिन
गुरु06:5907:59दिन
मंगल07:5908:59दिन
सूर्य08:5909:59दिन
शुक्र09:5911:00दिन
बुध11:0012:00दिन
चंद्र12:0013:00दिन
शनि13:0014:00दिन
गुरु14:0015:00दिन
मंगल15:0016:00दिन
सूर्य16:0017:00दिन
शुक्र17:0018:00दिन
बुध18:0019:00रात
चंद्र19:0020:00रात
शनि20:0021:00रात
गुरु21:0022:00रात
मंगल22:0023:00रात
सूर्य23:0000:00रात
शुक्र00:0001:00रात
बुध01:0001:59रात
चंद्र01:5902:59रात
शनि02:5903:59रात
गुरु03:5904:59रात
मंगल04:5905:59रात

अयनांश 24.2447° (लाहिड़ी)। समय पुडुचेरी (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।