30 जुलाई 2025 को पुणे का चौघड़िया

बुधवार, 30 जुलाई 2025, पुणे, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

बुधवार, 30 जुलाई 2025 को पुणे में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल षष्ठी (02:42, 31 जुल॰ तक), नक्षत्र हस्त (21:53 तक) और योग सिद्ध है। सूर्योदय 06:11 पर और सूर्यास्त 19:10 पर है। राहुकाल 12:40 से 14:18 तक है।

दिन और रात
दिन 06:11 – 19:10
रात 06:11 तक
तिथि
षष्ठी, 02:42 तक
सप्तमी
नक्षत्र
हस्त, 21:53 तक
चित्रा
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

30 जुलाई 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ06:11 – 07:48शुभ
अमृत07:48 – 09:26शुभ
काल09:26 – 11:03टालें
शुभ11:03 – 12:40शुभ
रोग12:40 – 14:18टालें
उद्वेग14:18 – 15:55टालें
चर15:55 – 17:32सामान्य
लाभ17:32 – 19:10शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग19:10 – 20:32टालें
शुभ20:32 – 21:55शुभ
अमृत21:55 – 23:18शुभ
चर23:18 – 00:41सामान्य
रोग00:41 – 02:03टालें
काल02:03 – 03:26टालें
लाभ03:26 – 04:49शुभ
उद्वेग04:49 – 06:11टालें

30 जुलाई 2025 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
शुक्ल षष्ठी 02:42, 31 जुल॰ तक
शुक्ल सप्तमी 04:58, 1 अग॰ तक
नक्षत्र
हस्त 21:53 तक
चित्रा 00:41, 1 अग॰ तक
योग
सिद्ध 03:40, 31 जुल॰ तक
साध्य 04:32, 1 अग॰ तक
करण
कौलव 13:41 तक
तैतिल 02:42, 31 जुल॰ तक
गर 15:48, 31 जुल॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकर्क
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:11
सूर्यास्त
19:10
चंद्रोदय
10:52
चंद्रास्त
22:49
दिनमान
12h 59m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
श्रावण
मास (पूर्णिमांत)
श्रावण
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:43 – 05:27
अभिजीत मुहूर्त
12:14 – 13:06 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
12:40 – 14:18
यमगंड
07:48 – 09:26
गुलिक काल
11:03 – 12:40

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध06:1107:16दिन
चंद्र07:1608:21दिन
शनि08:2109:26दिन
गुरु09:2610:31दिन
मंगल10:3111:36दिन
सूर्य11:3612:40दिन
शुक्र12:4013:45दिन
बुध13:4514:50दिन
चंद्र14:5015:55दिन
शनि15:5517:00दिन
गुरु17:0018:05दिन
मंगल18:0519:10दिन
सूर्य19:1020:05रात
शुक्र20:0521:00रात
बुध21:0021:55रात
चंद्र21:5522:50रात
शनि22:5023:45रात
गुरु23:4500:41रात
मंगल00:4101:36रात
सूर्य01:3602:31रात
शुक्र02:3103:26रात
बुध03:2604:21रात
चंद्र04:2105:16रात
शनि05:1606:11रात

अयनांश 24.2143° (लाहिड़ी)। समय पुणे (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।