17 दिसंबर 2025 को पुणे का चौघड़िया

बुधवार, 17 दिसंबर 2025, पुणे, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

बुधवार, 17 दिसंबर 2025 को पुणे में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण त्रयोदशी (02:33, 18 दिस॰ तक), नक्षत्र विशाखा (17:11 तक) और योग सुकर्मा है। सूर्योदय 06:59 पर और सूर्यास्त 18:01 पर है। राहुकाल 12:30 से 13:53 तक है।

दिन और रात
दिन 06:59 – 18:01
रात 07:00 तक
तिथि
त्रयोदशी, 02:33 तक
चतुर्दशी
नक्षत्र
विशाखा, 17:11 तक
अनुराधा
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

17 दिसंबर 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ06:59 – 08:22शुभ
अमृत08:22 – 09:45शुभ
काल09:45 – 11:07टालें
शुभ11:07 – 12:30शुभ
रोग12:30 – 13:53टालें
उद्वेग13:53 – 15:16टालें
चर15:16 – 16:38सामान्य
लाभ16:38 – 18:01शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग18:01 – 19:38टालें
शुभ19:38 – 21:16शुभ
अमृत21:16 – 22:53शुभ
चर22:53 – 00:30सामान्य
रोग00:30 – 02:08टालें
काल02:08 – 03:45टालें
लाभ03:45 – 05:23शुभ
उद्वेग05:23 – 07:00टालें

17 दिसंबर 2025 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
कृष्ण त्रयोदशी 02:33, 18 दिस॰ तक
कृष्ण चतुर्दशी 04:59, 19 दिस॰ तक
नक्षत्र
विशाखा 17:11 तक
अनुराधा 20:07, 18 दिस॰ तक
योग
सुकर्मा 14:16 तक
धृति 15:05, 18 दिस॰ तक
करण
गर 13:16 तक
वणिज 02:33, 18 दिस॰ तक
विष्टि (भद्रा) 15:47, 18 दिस॰ तक
चंद्र राशि
तुला 10:26 तक
सूर्य राशिधनु
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:59
सूर्यास्त
18:01
चंद्रोदय
04:33
चंद्रास्त
15:47
दिनमान
11h 1m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
मार्गशीर्ष
मास (पूर्णिमांत)
पौष
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:16 – 06:08
अभिजीत मुहूर्त
12:08 – 12:52 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
12:30 – 13:53
यमगंड
08:22 – 09:45
गुलिक काल
11:07 – 12:30

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध06:5907:55दिन
चंद्र07:5508:50दिन
शनि08:5009:45दिन
गुरु09:4510:40दिन
मंगल10:4011:35दिन
सूर्य11:3512:30दिन
शुक्र12:3013:25दिन
बुध13:2514:20दिन
चंद्र14:2015:16दिन
शनि15:1616:11दिन
गुरु16:1117:06दिन
मंगल17:0618:01दिन
सूर्य18:0119:06रात
शुक्र19:0620:11रात
बुध20:1121:16रात
चंद्र21:1622:21रात
शनि22:2123:26रात
गुरु23:2600:30रात
मंगल00:3001:35रात
सूर्य01:3502:40रात
शुक्र02:4003:45रात
बुध03:4504:50रात
चंद्र04:5005:55रात
शनि05:5507:00रात

अयनांश 24.2197° (लाहिड़ी)। समय पुणे (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।