18 मार्च 2025 को पुरी का चौघड़िया

मंगलवार, 18 मार्च 2025, पुरी, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

मंगलवार, 18 मार्च 2025 को पुरी में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण चतुर्थी (22:09 तक), नक्षत्र स्वाति (17:51 तक) और योग व्याघात है। सूर्योदय 05:52 पर और सूर्यास्त 17:57 पर है। राहुकाल 14:55 से 16:26 तक है।

दिन और रात
दिन 05:52 – 17:57
रात 05:51 तक
तिथि
चतुर्थी, 22:09 तक
पंचमी
नक्षत्र
स्वाति, 17:51 तक
विशाखा
चौघड़िया
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

18 मार्च 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
रोग05:52 – 07:23टालें
उद्वेग07:23 – 08:53टालें
चर08:53 – 10:24सामान्य
लाभ10:24 – 11:54शुभ
अमृत11:54 – 13:25शुभ
काल13:25 – 14:55टालें
शुभ14:55 – 16:26शुभ
रोग16:26 – 17:57टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
काल17:57 – 19:26टालें
लाभ19:26 – 20:55शुभ
उद्वेग20:55 – 22:25टालें
शुभ22:25 – 23:54शुभ
अमृत23:54 – 01:23शुभ
चर01:23 – 02:53सामान्य
रोग02:53 – 04:22टालें
काल04:22 – 05:51टालें

18 मार्च 2025 का पंचांग

वारमंगलवार
तिथि
कृष्ण चतुर्थी 22:09 तक
कृष्ण पंचमी 00:37, 20 मार्च तक
नक्षत्र
स्वाति 17:51 तक
विशाखा 20:50, 19 मार्च तक
योग
व्याघातअशुभ 16:43 तक
हर्षण 17:37, 19 मार्च तक
करण
बव 08:52 तक
बालव 22:09 तक
कौलव 11:25, 19 मार्च तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमीन
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:52
सूर्यास्त
17:57
चंद्रोदय
21:21
चंद्रास्त
07:58
दिनमान
12h 5m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
फाल्गुन
मास (पूर्णिमांत)
चैत्र
विक्रम संवत
2081
शक संवत
1946, क्रोधी संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:17 – 05:04
अभिजीत मुहूर्त
11:30 – 12:19

अशुभ समय

राहुकाल
14:55 – 16:26
यमगंड
08:53 – 10:24
गुलिक काल
11:54 – 13:25

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
मंगल05:5206:52दिन
सूर्य06:5207:53दिन
शुक्र07:5308:53दिन
बुध08:5309:54दिन
चंद्र09:5410:54दिन
शनि10:5411:54दिन
गुरु11:5412:55दिन
मंगल12:5513:55दिन
सूर्य13:5514:55दिन
शुक्र14:5515:56दिन
बुध15:5616:56दिन
चंद्र16:5617:57दिन
शनि17:5718:56रात
गुरु18:5619:56रात
मंगल19:5620:55रात
सूर्य20:5521:55रात
शुक्र21:5522:54रात
बुध22:5423:54रात
चंद्र23:5400:53रात
शनि00:5301:53रात
गुरु01:5302:53रात
मंगल02:5303:52रात
सूर्य03:5204:52रात
शुक्र04:5205:51रात

अयनांश 24.2092° (लाहिड़ी)। समय पुरी (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।