23 अक्टूबर 2027 को पुरी का चौघड़िया

शनिवार, 23 अक्टूबर 2027, पुरी, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शनिवार, 23 अक्टूबर 2027 को पुरी में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण अष्टमी (09:59 तक), नक्षत्र पुष्य (19:07 तक) और योग साध्य है। सूर्योदय 05:43 पर और सूर्यास्त 17:17 पर है। राहुकाल 08:37 से 10:04 तक है।

दिन और रात
दिन 05:43 – 17:17
रात 05:44 तक
तिथि
अष्टमी, 09:59 तक
नवमी
नक्षत्र
पुष्य, 19:07 तक
आश्लेषा
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

23 अक्टूबर 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल05:43 – 07:10टालें
शुभ07:10 – 08:37शुभ
रोग08:37 – 10:04टालें
उद्वेग10:04 – 11:30टालें
चर11:30 – 12:57सामान्य
लाभ12:57 – 14:24शुभ
अमृत14:24 – 15:51शुभ
काल15:51 – 17:17टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ17:17 – 18:51शुभ
उद्वेग18:51 – 20:24टालें
शुभ20:24 – 21:57शुभ
अमृत21:57 – 23:31शुभ
चर23:31 – 01:04सामान्य
रोग01:04 – 02:37टालें
काल02:37 – 04:11टालें
लाभ04:11 – 05:44शुभ

23 अक्टूबर 2027 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
कृष्ण अष्टमी 09:59 तक
कृष्ण नवमी 07:53, 24 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
पुष्य 19:07 तक
आश्लेषा 17:41, 24 अक्टू॰ तक
योग
साध्य 20:42 तक
शुभ 17:47, 24 अक्टू॰ तक
करण
कौलव 09:59 तक
तैतिल 20:57 तक
गर 07:53, 24 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशितुला
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:43
सूर्यास्त
17:17
चंद्रोदय
इस दिन चंद्रोदय नहीं
चंद्रास्त
12:46
दिनमान
11h 34m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:04 – 04:54
अभिजीत मुहूर्त
11:07 – 11:54

अशुभ समय

राहुकाल
08:37 – 10:04
यमगंड
12:57 – 14:24
गुलिक काल
05:43 – 07:10

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि05:4306:41दिन
गुरु06:4107:39दिन
मंगल07:3908:37दिन
सूर्य08:3709:35दिन
शुक्र09:3510:33दिन
बुध10:3311:30दिन
चंद्र11:3012:28दिन
शनि12:2813:26दिन
गुरु13:2614:24दिन
मंगल14:2415:22दिन
सूर्य15:2216:20दिन
शुक्र16:2017:17दिन
बुध17:1718:20रात
चंद्र18:2019:22रात
शनि19:2220:24रात
गुरु20:2421:26रात
मंगल21:2622:28रात
सूर्य22:2823:31रात
शुक्र23:3100:33रात
बुध00:3301:35रात
चंद्र01:3502:37रात
शनि02:3703:39रात
गुरु03:3904:42रात
मंगल04:4205:44रात

अयनांश 24.2455° (लाहिड़ी)। समय पुरी (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।