9 जनवरी 2028 को पुरी का चौघड़िया

रविवार, 9 जनवरी 2028, पुरी, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

रविवार, 9 जनवरी 2028 को पुरी में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल द्वादशी (17:56 तक), नक्षत्र रोहिणी (02:06, 10 जन॰ तक) और योग शुभ है। सूर्योदय 06:23 पर और सूर्यास्त 17:23 पर है। राहुकाल 16:01 से 17:23 तक है।

दिन और रात
दिन 06:23 – 17:23
रात 06:23 तक
तिथि
द्वादशी, 17:56 तक
त्रयोदशी
नक्षत्र
रोहिणी, 02:06 तक
मृगशिरा
चौघड़िया
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

9 जनवरी 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग06:23 – 07:45टालें
चर07:45 – 09:08सामान्य
लाभ09:08 – 10:31शुभ
अमृत10:31 – 11:53शुभ
काल11:53 – 13:16टालें
शुभ13:16 – 14:38शुभ
रोग14:38 – 16:01टालें
उद्वेग16:01 – 17:23टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
शुभ17:23 – 19:01शुभ
अमृत19:01 – 20:38शुभ
चर20:38 – 22:16सामान्य
रोग22:16 – 23:53टालें
काल23:53 – 01:31टालें
लाभ01:31 – 03:08शुभ
उद्वेग03:08 – 04:46टालें
शुभ04:46 – 06:23शुभ

9 जनवरी 2028 का पंचांग

वाररविवार
तिथि
शुक्ल द्वादशी 17:56 तक
शुक्ल त्रयोदशी 15:36, 10 जन॰ तक
नक्षत्र
रोहिणी 02:06, 10 जन॰ तक
मृगशिरा 00:15, 11 जन॰ तक
योग
शुभ 07:49 तक
शुक्ल 04:56, 10 जन॰ तक
ब्रह्म 01:36, 11 जन॰ तक
करण
बव 06:51 तक
बालव 17:56 तक
कौलव 04:51, 10 जन॰ तक
तैतिल 15:36, 10 जन॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिधनु
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:23
सूर्यास्त
17:23
चंद्रोदय
14:26
चंद्रास्त
03:18
दिनमान
11h 0m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
पौष
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:39 – 05:31
अभिजीत मुहूर्त
11:31 – 12:15

अशुभ समय

राहुकाल
16:01 – 17:23
यमगंड
11:53 – 13:16
गुलिक काल
14:38 – 16:01

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
सूर्य06:2307:18दिन
शुक्र07:1808:13दिन
बुध08:1309:08दिन
चंद्र09:0810:03दिन
शनि10:0310:58दिन
गुरु10:5811:53दिन
मंगल11:5312:48दिन
सूर्य12:4813:43दिन
शुक्र13:4314:38दिन
बुध14:3815:33दिन
चंद्र15:3316:28दिन
शनि16:2817:23दिन
गुरु17:2318:28रात
मंगल18:2819:33रात
सूर्य19:3320:38रात
शुक्र20:3821:43रात
बुध21:4322:48रात
चंद्र22:4823:53रात
शनि23:5300:58रात
गुरु00:5802:03रात
मंगल02:0303:08रात
सूर्य03:0804:13रात
शुक्र04:1305:18रात
बुध05:1806:23रात

अयनांश 24.2485° (लाहिड़ी)। समय पुरी (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।