9 मार्च 2028 को पुरी का चौघड़िया

गुरुवार, 9 मार्च 2028, पुरी, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

गुरुवार, 9 मार्च 2028 को पुरी में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल त्रयोदशी (14:02 तक), नक्षत्र आश्लेषा (12:22 तक) और योग सुकर्मा है। सूर्योदय 05:59 पर और सूर्यास्त 17:54 पर है। राहुकाल 13:26 से 14:55 तक है।

दिन और रात
दिन 05:59 – 17:54
रात 05:59 तक
तिथि
त्रयोदशी, 14:02 तक
चतुर्दशी
नक्षत्र
आश्लेषा, 12:22 तक
मघा
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

9 मार्च 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ05:59 – 07:29शुभ
रोग07:29 – 08:58टालें
उद्वेग08:58 – 10:27टालें
चर10:27 – 11:57सामान्य
लाभ11:57 – 13:26शुभ
अमृत13:26 – 14:55शुभ
काल14:55 – 16:25टालें
शुभ16:25 – 17:54शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत17:54 – 19:25शुभ
चर19:25 – 20:55सामान्य
रोग20:55 – 22:26टालें
काल22:26 – 23:56टालें
लाभ23:56 – 01:27शुभ
उद्वेग01:27 – 02:57टालें
शुभ02:57 – 04:28शुभ
अमृत04:28 – 05:59शुभ

9 मार्च 2028 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
शुक्ल त्रयोदशी 14:02 तक
शुक्ल चतुर्दशी 10:21, 10 मार्च तक
नक्षत्र
मघा 09:28, 10 मार्च तक
योग
सुकर्मा 00:48, 10 मार्च तक
धृति 20:32, 10 मार्च तक
करण
तैतिल 14:02 तक
गर 00:12, 10 मार्च तक
वणिज 10:21, 10 मार्च तक
चंद्र राशि
कर्क 12:22 तक
सूर्य राशिकुंभ
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:59
सूर्यास्त
17:54
चंद्रोदय
16:14
चंद्रास्त
04:21
दिनमान
11h 55m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
फाल्गुन
मास (पूर्णिमांत)
फाल्गुन
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:23 – 05:11
अभिजीत मुहूर्त
11:33 – 12:21

अशुभ समय

राहुकाल
13:26 – 14:55
यमगंड
05:59 – 07:29
गुलिक काल
08:58 – 10:27

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु05:5906:59दिन
मंगल06:5907:59दिन
सूर्य07:5908:58दिन
शुक्र08:5809:58दिन
बुध09:5810:57दिन
चंद्र10:5711:57दिन
शनि11:5712:56दिन
गुरु12:5613:56दिन
मंगल13:5614:55दिन
सूर्य14:5515:55दिन
शुक्र15:5516:55दिन
बुध16:5517:54दिन
चंद्र17:5418:54रात
शनि18:5419:55रात
गुरु19:5520:55रात
मंगल20:5521:56रात
सूर्य21:5622:56रात
शुक्र22:5623:56रात
बुध23:5600:57रात
चंद्र00:5701:57रात
शनि01:5702:57रात
गुरु02:5703:58रात
मंगल03:5804:58रात
सूर्य04:5805:59रात

अयनांश 24.2508° (लाहिड़ी)। समय पुरी (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।