7 मार्च 2026 को पूर्णिया का चौघड़िया

शनिवार, 7 मार्च 2026, पूर्णिया, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शनिवार, 7 मार्च 2026 को पूर्णिया में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण चतुर्थी (19:17 तक), नक्षत्र चित्रा (11:15 तक) और योग वृद्धि है। सूर्योदय 05:57 पर और सूर्यास्त 17:44 पर है। राहुकाल 08:54 से 10:22 तक है।

दिन और रात
दिन 05:57 – 17:44
रात 05:56 तक
तिथि
चतुर्थी, 19:17 तक
पंचमी
नक्षत्र
चित्रा, 11:15 तक
स्वाति
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

7 मार्च 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल05:57 – 07:26टालें
शुभ07:26 – 08:54शुभ
रोग08:54 – 10:22टालें
उद्वेग10:22 – 11:51टालें
चर11:51 – 13:19सामान्य
लाभ13:19 – 14:48शुभ
अमृत14:48 – 16:16शुभ
काल16:16 – 17:44टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ17:44 – 19:16शुभ
उद्वेग19:16 – 20:47टालें
शुभ20:47 – 22:19शुभ
अमृत22:19 – 23:50शुभ
चर23:50 – 01:22सामान्य
रोग01:22 – 02:53टालें
काल02:53 – 04:25टालें
लाभ04:25 – 05:56शुभ

7 मार्च 2026 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
कृष्ण चतुर्थी 19:17 तक
कृष्ण पंचमी 21:11, 8 मार्च तक
नक्षत्र
चित्रा 11:15 तक
स्वाति 13:31, 8 मार्च तक
योग
वृद्धि 06:52 तक
ध्रुव 07:04, 8 मार्च तक
करण
बव 06:31 तक
बालव 19:17 तक
कौलव 08:11, 8 मार्च तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकुंभ
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:57
सूर्यास्त
17:44
चंद्रोदय
21:23
चंद्रास्त
07:53
दिनमान
11h 47m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
फाल्गुन
मास (पूर्णिमांत)
चैत्र
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:20 – 05:08
अभिजीत मुहूर्त
11:27 – 12:14

अशुभ समय

राहुकाल
08:54 – 10:22
यमगंड
13:19 – 14:48
गुलिक काल
05:57 – 07:26

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि05:5706:56दिन
गुरु06:5607:55दिन
मंगल07:5508:54दिन
सूर्य08:5409:53दिन
शुक्र09:5310:52दिन
बुध10:5211:51दिन
चंद्र11:5112:50दिन
शनि12:5013:49दिन
गुरु13:4914:48दिन
मंगल14:4815:46दिन
सूर्य15:4616:45दिन
शुक्र16:4517:44दिन
बुध17:4418:45रात
चंद्र18:4519:46रात
शनि19:4620:47रात
गुरु20:4721:48रात
मंगल21:4822:49रात
सूर्य22:4923:50रात
शुक्र23:5000:51रात
बुध00:5101:52रात
चंद्र01:5202:53रात
शनि02:5303:54रात
गुरु03:5404:55रात
मंगल04:5505:56रात

अयनांश 24.2228° (लाहिड़ी)। समय पूर्णिया (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।