7 अक्टूबर 2029 को पूर्णिया का चौघड़िया

रविवार, 7 अक्टूबर 2029, पूर्णिया, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

रविवार, 7 अक्टूबर 2029 को पूर्णिया में सूर्योदय के समय तिथि अमावस्या (00:44, 8 अक्टू॰ तक), नक्षत्र उत्तरा फाल्गुनी (08:06 तक) और योग ब्रह्म है। सूर्योदय 05:34 पर और सूर्यास्त 17:20 पर है। राहुकाल 15:52 से 17:20 तक है।

दिन और रात
दिन 05:34 – 17:20
रात 05:35 तक
तिथि
अमावस्या, 00:44 तक
प्रतिपदा
नक्षत्र
हस्त, 05:09 तक
चौघड़िया
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

7 अक्टूबर 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग05:34 – 07:03टालें
चर07:03 – 08:31सामान्य
लाभ08:31 – 09:59शुभ
अमृत09:59 – 11:27शुभ
काल11:27 – 12:55टालें
शुभ12:55 – 14:24शुभ
रोग14:24 – 15:52टालें
उद्वेग15:52 – 17:20टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
शुभ17:20 – 18:52शुभ
अमृत18:52 – 20:24शुभ
चर20:24 – 21:56सामान्य
रोग21:56 – 23:27टालें
काल23:27 – 00:59टालें
लाभ00:59 – 02:31शुभ
उद्वेग02:31 – 04:03टालें
शुभ04:03 – 05:35शुभ

7 अक्टूबर 2029 का पंचांग

वाररविवार
तिथि
अमावस्या 00:44, 8 अक्टू॰ तक
शुक्ल प्रतिपदा 20:55, 8 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
हस्त 05:09, 8 अक्टू॰ तक
चित्रा 02:07, 9 अक्टू॰ तक
योग
ब्रह्म 13:17 तक
इंद्र 09:02, 8 अक्टू॰ तक
करण
चतुष्पद 14:37 तक
नाग 00:44, 8 अक्टू॰ तक
किंस्तुघ्न 10:50, 8 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकन्या
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:34
सूर्यास्त
17:20
चंद्रोदय
04:47
चंद्रास्त
16:45
दिनमान
11h 45m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
भाद्रपद
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2086
शक संवत
1951, सौम्य संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:57 – 04:46
अभिजीत मुहूर्त
11:04 – 11:51

अशुभ समय

राहुकाल
15:52 – 17:20
यमगंड
11:27 – 12:55
गुलिक काल
14:24 – 15:52

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
सूर्य05:3406:33दिन
शुक्र06:3307:32दिन
बुध07:3208:31दिन
चंद्र08:3109:30दिन
शनि09:3010:28दिन
गुरु10:2811:27दिन
मंगल11:2712:26दिन
सूर्य12:2613:25दिन
शुक्र13:2514:24दिन
बुध14:2415:22दिन
चंद्र15:2216:21दिन
शनि16:2117:20दिन
गुरु17:2018:21रात
मंगल18:2119:22रात
सूर्य19:2220:24रात
शुक्र20:2421:25रात
बुध21:2522:26रात
चंद्र22:2623:27रात
शनि23:2700:29रात
गुरु00:2901:30रात
मंगल01:3002:31रात
सूर्य02:3103:32रात
शुक्र03:3204:34रात
बुध04:3405:35रात

अयनांश 24.2729° (लाहिड़ी)। समय पूर्णिया (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।