11 जनवरी 2027 को पुरुलिया का चौघड़िया

सोमवार, 11 जनवरी 2027, पुरुलिया, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

सोमवार, 11 जनवरी 2027 को पुरुलिया में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल तृतीया (09:28 तक), नक्षत्र धनिष्ठा (17:53 तक) और योग सिद्धि है। सूर्योदय 06:28 पर और सूर्यास्त 17:16 पर है। राहुकाल 07:49 से 09:10 तक है।

दिन और रात
दिन 06:28 – 17:16
रात 06:28 तक
तिथि
तृतीया, 09:28 तक
चतुर्थी
नक्षत्र
धनिष्ठा, 17:53 तक
शतभिषा
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

11 जनवरी 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत06:28 – 07:49शुभ
काल07:49 – 09:10टालें
शुभ09:10 – 10:31शुभ
रोग10:31 – 11:52टालें
उद्वेग11:52 – 13:13टालें
चर13:13 – 14:34सामान्य
लाभ14:34 – 15:55शुभ
अमृत15:55 – 17:16शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर17:16 – 18:55सामान्य
रोग18:55 – 20:34टालें
काल20:34 – 22:13टालें
लाभ22:13 – 23:52शुभ
उद्वेग23:52 – 01:31टालें
शुभ01:31 – 03:10शुभ
अमृत03:10 – 04:49शुभ
चर04:49 – 06:28सामान्य

11 जनवरी 2027 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
शुक्ल तृतीया 09:28 तक
शुक्ल चतुर्थी 11:29, 12 जन॰ तक
नक्षत्र
शतभिषा 20:14, 12 जन॰ तक
योग
सिद्धि 17:38 तक
व्यतीपातअशुभ 17:57, 12 जन॰ तक
करण
गर 09:28 तक
वणिज 22:32 तक
विष्टि (भद्रा) 11:29, 12 जन॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिधनु
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:28
सूर्यास्त
17:16
चंद्रोदय
08:38
चंद्रास्त
20:18
दिनमान
10h 49m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
पौष
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:42 – 05:35
अभिजीत मुहूर्त
11:30 – 12:13

अशुभ समय

राहुकाल
07:49 – 09:10
यमगंड
10:31 – 11:52
गुलिक काल
13:13 – 14:34

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र06:2807:22दिन
शनि07:2208:16दिन
गुरु08:1609:10दिन
मंगल09:1010:04दिन
सूर्य10:0410:58दिन
शुक्र10:5811:52दिन
बुध11:5212:46दिन
चंद्र12:4613:40दिन
शनि13:4014:34दिन
गुरु14:3415:28दिन
मंगल15:2816:22दिन
सूर्य16:2217:16दिन
शुक्र17:1618:22रात
बुध18:2219:28रात
चंद्र19:2820:34रात
शनि20:3421:40रात
गुरु21:4022:46रात
मंगल22:4623:52रात
सूर्य23:5200:58रात
शुक्र00:5802:04रात
बुध02:0403:10रात
चंद्र03:1004:16रात
शनि04:1605:22रात
गुरु05:2206:28रात

अयनांश 24.2346° (लाहिड़ी)। समय पुरुलिया (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।