19 दिसंबर 2024 को पुष्कर का चौघड़िया

गुरुवार, 19 दिसंबर 2024, पुष्कर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

गुरुवार, 19 दिसंबर 2024 को पुष्कर में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण चतुर्थी (10:03 तक), नक्षत्र आश्लेषा (01:59, 20 दिस॰ तक) और योग वैधृति है। सूर्योदय 07:14 पर और सूर्यास्त 17:43 पर है। राहुकाल 13:47 से 15:06 तक है।

दिन और रात
दिन 07:14 – 17:43
रात 07:15 तक
तिथि
पंचमी
नक्षत्र
आश्लेषा, 01:59 तक
मघा
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

19 दिसंबर 2024 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ07:14 – 08:33शुभ
रोग08:33 – 09:51टालें
उद्वेग09:51 – 11:10टालें
चर11:10 – 12:28सामान्य
लाभ12:28 – 13:47शुभ
अमृत13:47 – 15:06शुभ
काल15:06 – 16:24टालें
शुभ16:24 – 17:43शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत17:43 – 19:24शुभ
चर19:24 – 21:06सामान्य
रोग21:06 – 22:47टालें
काल22:47 – 00:29टालें
लाभ00:29 – 02:10शुभ
उद्वेग02:10 – 03:52टालें
शुभ03:52 – 05:33शुभ
अमृत05:33 – 07:15शुभ

19 दिसंबर 2024 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
कृष्ण चतुर्थी 10:03 तक
कृष्ण पंचमी 10:49, 20 दिस॰ तक
नक्षत्र
आश्लेषा 01:59, 20 दिस॰ तक
मघा 03:47, 21 दिस॰ तक
योग
वैधृतिअशुभ 18:33 तक
विष्कंभअशुभ 18:11, 20 दिस॰ तक
करण
बालव 10:03 तक
कौलव 22:20 तक
तैतिल 10:49, 20 दिस॰ तक
चंद्र राशि
कर्क 01:59, 20 दिस॰ तक
सूर्य राशिधनु
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:14
सूर्यास्त
17:43
चंद्रोदय
21:43
चंद्रास्त
10:37
दिनमान
10h 29m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
मार्गशीर्ष
मास (पूर्णिमांत)
पौष
विक्रम संवत
2081
शक संवत
1946, क्रोधी संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:26 – 06:20
अभिजीत मुहूर्त
12:08 – 12:49

अशुभ समय

राहुकाल
13:47 – 15:06
यमगंड
07:14 – 08:33
गुलिक काल
09:51 – 11:10

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु07:1408:06दिन
मंगल08:0608:59दिन
सूर्य08:5909:51दिन
शुक्र09:5110:44दिन
बुध10:4411:36दिन
चंद्र11:3612:28दिन
शनि12:2813:21दिन
गुरु13:2114:13दिन
मंगल14:1315:06दिन
सूर्य15:0615:58दिन
शुक्र15:5816:50दिन
बुध16:5017:43दिन
चंद्र17:4318:51रात
शनि18:5119:58रात
गुरु19:5821:06रात
मंगल21:0622:13रात
सूर्य22:1323:21रात
शुक्र23:2100:29रात
बुध00:2901:36रात
चंद्र01:3602:44रात
शनि02:4403:52रात
गुरु03:5204:59रात
मंगल04:5906:07रात
सूर्य06:0707:15रात

अयनांश 24.2058° (लाहिड़ी)। समय पुष्कर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।