25 दिसंबर 2024 को पुष्कर का चौघड़िया

बुधवार, 25 दिसंबर 2024, पुष्कर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

बुधवार, 25 दिसंबर 2024 को पुष्कर में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण दशमी (22:29 तक), नक्षत्र चित्रा (15:22 तक) और योग अतिगंड है। सूर्योदय 07:17 पर और सूर्यास्त 17:46 पर है। राहुकाल 12:31 से 13:50 तक है।

दिन और रात
दिन 07:17 – 17:46
रात 07:17 तक
तिथि
दशमी, 22:29 तक
एकादशी
नक्षत्र
चित्रा, 15:22 तक
स्वाति
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

25 दिसंबर 2024 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ07:17 – 08:36शुभ
अमृत08:36 – 09:54शुभ
काल09:54 – 11:13टालें
शुभ11:13 – 12:31शुभ
रोग12:31 – 13:50टालें
उद्वेग13:50 – 15:09टालें
चर15:09 – 16:27सामान्य
लाभ16:27 – 17:46शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग17:46 – 19:27टालें
शुभ19:27 – 21:09शुभ
अमृत21:09 – 22:50शुभ
चर22:50 – 00:32सामान्य
रोग00:32 – 02:13टालें
काल02:13 – 03:55टालें
लाभ03:55 – 05:36शुभ
उद्वेग05:36 – 07:17टालें

25 दिसंबर 2024 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
कृष्ण दशमी 22:29 तक
कृष्ण एकादशी 00:44, 27 दिस॰ तक
नक्षत्र
चित्रा 15:22 तक
स्वाति 18:09, 26 दिस॰ तक
योग
अतिगंडअशुभ 21:46 तक
सुकर्मा 22:23, 26 दिस॰ तक
करण
वणिज 09:13 तक
विष्टि (भद्रा) 22:29 तक
बव 11:40, 26 दिस॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिधनु
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:17
सूर्यास्त
17:46
चंद्रोदय
02:06
चंद्रास्त
13:34
दिनमान
10h 29m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
मार्गशीर्ष
मास (पूर्णिमांत)
पौष
विक्रम संवत
2081
शक संवत
1946, क्रोधी संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:29 – 06:23
अभिजीत मुहूर्त
12:11 – 12:52 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
12:31 – 13:50
यमगंड
08:36 – 09:54
गुलिक काल
11:13 – 12:31

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध07:1708:09दिन
चंद्र08:0909:02दिन
शनि09:0209:54दिन
गुरु09:5410:47दिन
मंगल10:4711:39दिन
सूर्य11:3912:31दिन
शुक्र12:3113:24दिन
बुध13:2414:16दिन
चंद्र14:1615:09दिन
शनि15:0916:01दिन
गुरु16:0116:54दिन
मंगल16:5417:46दिन
सूर्य17:4618:54रात
शुक्र18:5420:01रात
बुध20:0121:09रात
चंद्र21:0922:16रात
शनि22:1623:24रात
गुरु23:2400:32रात
मंगल00:3201:39रात
सूर्य01:3902:47रात
शुक्र02:4703:55रात
बुध03:5505:02रात
चंद्र05:0206:10रात
शनि06:1007:17रात

अयनांश 24.2060° (लाहिड़ी)। समय पुष्कर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

सूची में से सबसे नज़दीकी शहर चुनें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।