16 अगस्त 2025 को पुष्कर का चौघड़िया

शनिवार, 16 अगस्त 2025, पुष्कर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शनिवार, 16 अगस्त 2025 को पुष्कर में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण अष्टमी (21:35 तक), नक्षत्र भरणी (06:06 तक) और योग वृद्धि है। सूर्योदय 06:04 पर और सूर्यास्त 19:07 पर है। राहुकाल 09:20 से 10:58 तक है।

दिन और रात
दिन 06:04 – 19:07
रात 06:04 तक
तिथि
अष्टमी, 21:35 तक
नवमी
नक्षत्र
कृत्तिका, 04:38 तक
रोहिणी
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

16 अगस्त 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल06:04 – 07:42टालें
शुभ07:42 – 09:20शुभ
रोग09:20 – 10:58टालें
उद्वेग10:58 – 12:35टालें
चर12:35 – 14:13सामान्य
लाभ14:13 – 15:51शुभ
अमृत15:51 – 17:29शुभ
काल17:29 – 19:07टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ19:07 – 20:29शुभ
उद्वेग20:29 – 21:51टालें
शुभ21:51 – 23:13शुभ
अमृत23:13 – 00:36शुभ
चर00:36 – 01:58सामान्य
रोग01:58 – 03:20टालें
काल03:20 – 04:42टालें
लाभ04:42 – 06:04शुभ

16 अगस्त 2025 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
कृष्ण अष्टमी 21:35 तक
कृष्ण नवमी 19:24, 17 अग॰ तक
नक्षत्र
भरणी 06:06 तक
कृत्तिका 04:38, 17 अग॰ तक
रोहिणी 03:17, 18 अग॰ तक
योग
वृद्धि 07:21 तक
ध्रुव 04:28, 17 अग॰ तक
व्याघातअशुभ 01:40, 18 अग॰ तक
करण
बालव 10:42 तक
कौलव 21:35 तक
तैतिल 08:29, 17 अग॰ तक
चंद्र राशि
मेष 11:43 तक
सूर्य राशिकर्क
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:04
सूर्यास्त
19:07
चंद्रोदय
23:48
चंद्रास्त
13:07
दिनमान
13h 3m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
श्रावण
मास (पूर्णिमांत)
भाद्रपद
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:36 – 05:20
अभिजीत मुहूर्त
12:09 – 13:01

अशुभ समय

राहुकाल
09:20 – 10:58
यमगंड
14:13 – 15:51
गुलिक काल
06:04 – 07:42

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि06:0407:09दिन
गुरु07:0908:14दिन
मंगल08:1409:20दिन
सूर्य09:2010:25दिन
शुक्र10:2511:30दिन
बुध11:3012:35दिन
चंद्र12:3513:41दिन
शनि13:4114:46दिन
गुरु14:4615:51दिन
मंगल15:5116:56दिन
सूर्य16:5618:02दिन
शुक्र18:0219:07दिन
बुध19:0720:02रात
चंद्र20:0220:56रात
शनि20:5621:51रात
गुरु21:5122:46रात
मंगल22:4623:41रात
सूर्य23:4100:36रात
शुक्र00:3601:30रात
बुध01:3002:25रात
चंद्र02:2503:20रात
शनि03:2004:15रात
गुरु04:1505:10रात
मंगल05:1006:04रात

अयनांश 24.2150° (लाहिड़ी)। समय पुष्कर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।