25 सितंबर 2025 को पुष्कर का चौघड़िया

गुरुवार, 25 सितंबर 2025, पुष्कर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

गुरुवार, 25 सितंबर 2025 को पुष्कर में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल तृतीया (07:06 तक), नक्षत्र स्वाति (19:08 तक) और योग वैधृति है। सूर्योदय 06:21 पर और सूर्यास्त 18:24 पर है। राहुकाल 13:53 से 15:24 तक है।

दिन और रात
दिन 06:21 – 18:24
रात 06:22 तक
तिथि
चतुर्थी
नक्षत्र
स्वाति, 19:08 तक
विशाखा
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

25 सितंबर 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ06:21 – 07:52शुभ
रोग07:52 – 09:22टालें
उद्वेग09:22 – 10:52टालें
चर10:52 – 12:23सामान्य
लाभ12:23 – 13:53शुभ
अमृत13:53 – 15:24शुभ
काल15:24 – 16:54टालें
शुभ16:54 – 18:24शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत18:24 – 19:54शुभ
चर19:54 – 21:24सामान्य
रोग21:24 – 22:53टालें
काल22:53 – 00:23टालें
लाभ00:23 – 01:53शुभ
उद्वेग01:53 – 03:22टालें
शुभ03:22 – 04:52शुभ
अमृत04:52 – 06:22शुभ

25 सितंबर 2025 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
शुक्ल तृतीया 07:06 तक
शुक्ल चतुर्थी 09:33, 26 सित॰ तक
नक्षत्र
स्वाति 19:08 तक
विशाखा 22:09, 26 सित॰ तक
योग
वैधृतिअशुभ 21:53 तक
विष्कंभअशुभ 22:50, 26 सित॰ तक
करण
गर 07:06 तक
वणिज 20:19 तक
विष्टि (भद्रा) 09:33, 26 सित॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकन्या
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:21
सूर्यास्त
18:24
चंद्रोदय
09:15
चंद्रास्त
20:13
दिनमान
12h 3m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:46 – 05:33
अभिजीत मुहूर्त
11:59 – 12:47

अशुभ समय

राहुकाल
13:53 – 15:24
यमगंड
06:21 – 07:52
गुलिक काल
09:22 – 10:52

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु06:2107:21दिन
मंगल07:2108:22दिन
सूर्य08:2209:22दिन
शुक्र09:2210:22दिन
बुध10:2211:22दिन
चंद्र11:2212:23दिन
शनि12:2313:23दिन
गुरु13:2314:23दिन
मंगल14:2315:24दिन
सूर्य15:2416:24दिन
शुक्र16:2417:24दिन
बुध17:2418:24दिन
चंद्र18:2419:24रात
शनि19:2420:24रात
गुरु20:2421:24रात
मंगल21:2422:23रात
सूर्य22:2323:23रात
शुक्र23:2300:23रात
बुध00:2301:23रात
चंद्र01:2302:22रात
शनि02:2203:22रात
गुरु03:2204:22रात
मंगल04:2205:22रात
सूर्य05:2206:22रात

अयनांश 24.2165° (लाहिड़ी)। समय पुष्कर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।