20 अक्टूबर 2025 को पुष्कर का चौघड़िया

सोमवार, 20 अक्टूबर 2025, पुष्कर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

सोमवार, 20 अक्टूबर 2025 को पुष्कर में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण चतुर्दशी (15:45 तक), नक्षत्र हस्त (20:16 तक) और योग वैधृति है। सूर्योदय 06:33 पर और सूर्यास्त 17:59 पर है। राहुकाल 07:59 से 09:25 तक है।

दिन और रात
दिन 06:33 – 17:59
रात 06:34 तक
तिथि
चतुर्दशी, 15:45 तक
अमावस्या
नक्षत्र
हस्त, 20:16 तक
चित्रा
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

20 अक्टूबर 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत06:33 – 07:59शुभ
काल07:59 – 09:25टालें
शुभ09:25 – 10:50शुभ
रोग10:50 – 12:16टालें
उद्वेग12:16 – 13:42टालें
चर13:42 – 15:07सामान्य
लाभ15:07 – 16:33शुभ
अमृत16:33 – 17:59शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर17:59 – 19:33सामान्य
रोग19:33 – 21:07टालें
काल21:07 – 22:42टालें
लाभ22:42 – 00:16शुभ
उद्वेग00:16 – 01:51टालें
शुभ01:51 – 03:25शुभ
अमृत03:25 – 04:59शुभ
चर04:59 – 06:34सामान्य

20 अक्टूबर 2025 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
कृष्ण चतुर्दशी 15:45 तक
अमावस्या 17:55, 21 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
हस्त 20:16 तक
चित्रा 22:58, 21 अक्टू॰ तक
योग
वैधृतिअशुभ 02:34, 21 अक्टू॰ तक
विष्कंभअशुभ 03:16, 22 अक्टू॰ तक
करण
शकुनि 15:45 तक
चतुष्पद 04:48, 21 अक्टू॰ तक
नाग 17:55, 21 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशितुला
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:33
सूर्यास्त
17:59
चंद्रोदय
05:22
चंद्रास्त
17:12
दिनमान
11h 25m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:53 – 05:43
अभिजीत मुहूर्त
11:53 – 12:39

अशुभ समय

राहुकाल
07:59 – 09:25
यमगंड
10:50 – 12:16
गुलिक काल
13:42 – 15:07

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र06:3307:30दिन
शनि07:3008:27दिन
गुरु08:2709:25दिन
मंगल09:2510:22दिन
सूर्य10:2211:19दिन
शुक्र11:1912:16दिन
बुध12:1613:13दिन
चंद्र13:1314:10दिन
शनि14:1015:07दिन
गुरु15:0716:04दिन
मंगल16:0417:01दिन
सूर्य17:0117:59दिन
शुक्र17:5919:01रात
बुध19:0120:04रात
चंद्र20:0421:07रात
शनि21:0722:10रात
गुरु22:1023:13रात
मंगल23:1300:16रात
सूर्य00:1601:19रात
शुक्र01:1902:22रात
बुध02:2203:25रात
चंद्र03:2504:28रात
शनि04:2805:31रात
गुरु05:3106:34रात

अयनांश 24.2175° (लाहिड़ी)। समय पुष्कर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।