7 नवंबर 2025 को पुष्कर का चौघड़िया

शुक्रवार, 7 नवंबर 2025, पुष्कर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शुक्रवार, 7 नवंबर 2025 को पुष्कर में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण द्वितीया (11:05 तक), नक्षत्र रोहिणी (00:33, 8 नव॰ तक) और योग परिघ है। सूर्योदय 06:45 पर और सूर्यास्त 17:45 पर है। राहुकाल 10:52 से 12:15 तक है।

दिन और रात
दिन 06:45 – 17:45
रात 06:45 तक
तिथि
द्वितीया, 11:05 तक
तृतीया
नक्षत्र
रोहिणी, 00:33 तक
मृगशिरा
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

7 नवंबर 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर06:45 – 08:07सामान्य
लाभ08:07 – 09:30शुभ
अमृत09:30 – 10:52शुभ
काल10:52 – 12:15टालें
शुभ12:15 – 13:37शुभ
रोग13:37 – 15:00टालें
उद्वेग15:00 – 16:23टालें
चर16:23 – 17:45सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग17:45 – 19:23टालें
काल19:23 – 21:00टालें
लाभ21:00 – 22:38शुभ
उद्वेग22:38 – 00:15टालें
शुभ00:15 – 01:53शुभ
अमृत01:53 – 03:30शुभ
चर03:30 – 05:08सामान्य
रोग05:08 – 06:45टालें

7 नवंबर 2025 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
कृष्ण द्वितीया 11:05 तक
कृष्ण तृतीया 07:32, 8 नव॰ तक
नक्षत्र
रोहिणी 00:33, 8 नव॰ तक
मृगशिरा 22:02, 8 नव॰ तक
योग
परिघअशुभ 22:27 तक
शिव 18:31, 8 नव॰ तक
करण
गर 11:05 तक
वणिज 21:16 तक
विष्टि (भद्रा) 07:32, 8 नव॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशितुला
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:45
सूर्यास्त
17:45
चंद्रोदय
19:13
चंद्रास्त
08:41
दिनमान
11h 1m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
कार्तिक
मास (पूर्णिमांत)
मार्गशीर्ष
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:01 – 05:53
अभिजीत मुहूर्त
11:53 – 12:37

अशुभ समय

राहुकाल
10:52 – 12:15
यमगंड
15:00 – 16:23
गुलिक काल
08:07 – 09:30

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र06:4507:40दिन
बुध07:4008:35दिन
चंद्र08:3509:30दिन
शनि09:3010:25दिन
गुरु10:2511:20दिन
मंगल11:2012:15दिन
सूर्य12:1513:10दिन
शुक्र13:1014:05दिन
बुध14:0515:00दिन
चंद्र15:0015:55दिन
शनि15:5516:50दिन
गुरु16:5017:45दिन
मंगल17:4518:50रात
सूर्य18:5019:55रात
शुक्र19:5521:00रात
बुध21:0022:05रात
चंद्र22:0523:10रात
शनि23:1000:15रात
गुरु00:1501:20रात
मंगल01:2002:25रात
सूर्य02:2503:30रात
शुक्र03:3004:35रात
बुध04:3505:40रात
चंद्र05:4006:45रात

अयनांश 24.2182° (लाहिड़ी)। समय पुष्कर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।