16 नवंबर 2025 को पुष्कर का चौघड़िया

रविवार, 16 नवंबर 2025, पुष्कर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

रविवार, 16 नवंबर 2025 को पुष्कर में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण द्वादशी (04:48, 17 नव॰ तक), नक्षत्र हस्त (02:11, 17 नव॰ तक) और योग प्रीति है। सूर्योदय 06:51 पर और सूर्यास्त 17:41 पर है। राहुकाल 16:20 से 17:41 तक है।

दिन और रात
दिन 06:51 – 17:41
रात 06:52 तक
तिथि
द्वादशी, 04:48 तक
त्रयोदशी
नक्षत्र
हस्त, 02:11 तक
चित्रा
चौघड़िया
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

16 नवंबर 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग06:51 – 08:12टालें
चर08:12 – 09:33सामान्य
लाभ09:33 – 10:55शुभ
अमृत10:55 – 12:16शुभ
काल12:16 – 13:37टालें
शुभ13:37 – 14:58शुभ
रोग14:58 – 16:20टालें
उद्वेग16:20 – 17:41टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
शुभ17:41 – 19:20शुभ
अमृत19:20 – 20:59शुभ
चर20:59 – 22:37सामान्य
रोग22:37 – 00:16टालें
काल00:16 – 01:55टालें
लाभ01:55 – 03:34शुभ
उद्वेग03:34 – 05:13टालें
शुभ05:13 – 06:52शुभ

16 नवंबर 2025 का पंचांग

वाररविवार
तिथि
कृष्ण द्वादशी 04:48, 17 नव॰ तक
कृष्ण त्रयोदशी 07:12, 18 नव॰ तक
नक्षत्र
हस्त 02:11, 17 नव॰ तक
चित्रा 05:01, 18 नव॰ तक
योग
प्रीति 07:22, 17 नव॰ तक
करण
कौलव 15:40 तक
तैतिल 04:48, 17 नव॰ तक
गर 17:59, 17 नव॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशितुला
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:51
सूर्यास्त
17:41
चंद्रोदय
03:18
चंद्रास्त
15:15
दिनमान
10h 50m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
कार्तिक
मास (पूर्णिमांत)
मार्गशीर्ष
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:06 – 05:58
अभिजीत मुहूर्त
11:54 – 12:38

अशुभ समय

राहुकाल
16:20 – 17:41
यमगंड
12:16 – 13:37
गुलिक काल
14:58 – 16:20

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
सूर्य06:5107:45दिन
शुक्र07:4508:39दिन
बुध08:3909:33दिन
चंद्र09:3310:28दिन
शनि10:2811:22दिन
गुरु11:2212:16दिन
मंगल12:1613:10दिन
सूर्य13:1014:04दिन
शुक्र14:0414:58दिन
बुध14:5815:53दिन
चंद्र15:5316:47दिन
शनि16:4717:41दिन
गुरु17:4118:47रात
मंगल18:4719:53रात
सूर्य19:5320:59रात
शुक्र20:5922:04रात
बुध22:0423:10रात
चंद्र23:1000:16रात
शनि00:1601:22रात
गुरु01:2202:28रात
मंगल02:2803:34रात
सूर्य03:3404:40रात
शुक्र04:4005:46रात
बुध05:4606:52रात

अयनांश 24.2185° (लाहिड़ी)। समय पुष्कर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।