1 दिसंबर 2025 को पुष्कर का चौघड़िया

सोमवार, 1 दिसंबर 2025, पुष्कर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

सोमवार, 1 दिसंबर 2025 को पुष्कर में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल एकादशी (19:01 तक), नक्षत्र रेवती (23:18 तक) और योग व्यतीपात है। सूर्योदय 07:02 पर और सूर्यास्त 17:38 पर है। राहुकाल 08:22 से 09:41 तक है।

दिन और रात
दिन 07:02 – 17:38
रात 07:03 तक
तिथि
एकादशी, 19:01 तक
द्वादशी
नक्षत्र
रेवती, 23:18 तक
अश्विनी
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

1 दिसंबर 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत07:02 – 08:22शुभ
काल08:22 – 09:41टालें
शुभ09:41 – 11:01शुभ
रोग11:01 – 12:20टालें
उद्वेग12:20 – 13:40टालें
चर13:40 – 14:59सामान्य
लाभ14:59 – 16:19शुभ
अमृत16:19 – 17:38शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर17:38 – 19:19सामान्य
रोग19:19 – 20:59टालें
काल20:59 – 22:40टालें
लाभ22:40 – 00:21शुभ
उद्वेग00:21 – 02:01टालें
शुभ02:01 – 03:42शुभ
अमृत03:42 – 05:22शुभ
चर05:22 – 07:03सामान्य

1 दिसंबर 2025 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
शुक्ल एकादशी 19:01 तक
शुक्ल द्वादशी 15:57, 2 दिस॰ तक
नक्षत्र
रेवती 23:18 तक
अश्विनी 20:51, 2 दिस॰ तक
योग
व्यतीपातअशुभ 00:59, 2 दिस॰ तक
वरीयान 21:08, 2 दिस॰ तक
करण
वणिज 08:20 तक
विष्टि (भद्रा) 19:01 तक
बव 05:33, 2 दिस॰ तक
बालव 15:57, 2 दिस॰ तक
चंद्र राशि
मीन 23:18 तक
सूर्य राशिवृश्चिक
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:02
सूर्यास्त
17:38
चंद्रोदय
14:35
चंद्रास्त
02:44
दिनमान
10h 36m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
मार्गशीर्ष
मास (पूर्णिमांत)
मार्गशीर्ष
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:15 – 06:09
अभिजीत मुहूर्त
11:59 – 12:41

अशुभ समय

राहुकाल
08:22 – 09:41
यमगंड
11:01 – 12:20
गुलिक काल
13:40 – 14:59

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र07:0207:55दिन
शनि07:5508:48दिन
गुरु08:4809:41दिन
मंगल09:4110:34दिन
सूर्य10:3411:27दिन
शुक्र11:2712:20दिन
बुध12:2013:13दिन
चंद्र13:1314:06दिन
शनि14:0614:59दिन
गुरु14:5915:52दिन
मंगल15:5216:45दिन
सूर्य16:4517:38दिन
शुक्र17:3818:45रात
बुध18:4519:52रात
चंद्र19:5220:59रात
शनि20:5922:07रात
गुरु22:0723:14रात
मंगल23:1400:21रात
सूर्य00:2101:28रात
शुक्र01:2802:35रात
बुध02:3503:42रात
चंद्र03:4204:49रात
शनि04:4905:56रात
गुरु05:5607:03रात

अयनांश 24.2191° (लाहिड़ी)। समय पुष्कर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।