2 दिसंबर 2025 को पुष्कर का चौघड़िया

मंगलवार, 2 दिसंबर 2025, पुष्कर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

मंगलवार, 2 दिसंबर 2025 को पुष्कर में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल द्वादशी (15:57 तक), नक्षत्र अश्विनी (20:51 तक) और योग वरीयान है। सूर्योदय 07:03 पर और सूर्यास्त 17:38 पर है। राहुकाल 14:59 से 16:19 तक है।

दिन और रात
दिन 07:03 – 17:38
रात 07:04 तक
तिथि
द्वादशी, 15:57 तक
त्रयोदशी
नक्षत्र
अश्विनी, 20:51 तक
भरणी
चौघड़िया
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

2 दिसंबर 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
रोग07:03 – 08:22टालें
उद्वेग08:22 – 09:42टालें
चर09:42 – 11:01सामान्य
लाभ11:01 – 12:21शुभ
अमृत12:21 – 13:40शुभ
काल13:40 – 14:59टालें
शुभ14:59 – 16:19शुभ
रोग16:19 – 17:38टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
काल17:38 – 19:19टालें
लाभ19:19 – 21:00शुभ
उद्वेग21:00 – 22:40टालें
शुभ22:40 – 00:21शुभ
अमृत00:21 – 02:02शुभ
चर02:02 – 03:42सामान्य
रोग03:42 – 05:23टालें
काल05:23 – 07:04टालें

2 दिसंबर 2025 का पंचांग

वारमंगलवार
तिथि
शुक्ल द्वादशी 15:57 तक
शुक्ल त्रयोदशी 12:26, 3 दिस॰ तक
नक्षत्र
भरणी 18:00, 3 दिस॰ तक
योग
वरीयान 21:08 तक
परिघअशुभ 16:57, 3 दिस॰ तक
करण
बालव 15:57 तक
कौलव 02:14, 3 दिस॰ तक
तैतिल 12:26, 3 दिस॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिवृश्चिक
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:03
सूर्यास्त
17:38
चंद्रोदय
15:14
चंद्रास्त
03:49
दिनमान
10h 35m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
मार्गशीर्ष
मास (पूर्णिमांत)
मार्गशीर्ष
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:16 – 06:09
अभिजीत मुहूर्त
11:59 – 12:42

अशुभ समय

राहुकाल
14:59 – 16:19
यमगंड
09:42 – 11:01
गुलिक काल
12:21 – 13:40

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
मंगल07:0307:56दिन
सूर्य07:5608:49दिन
शुक्र08:4909:42दिन
बुध09:4210:35दिन
चंद्र10:3511:28दिन
शनि11:2812:21दिन
गुरु12:2113:14दिन
मंगल13:1414:07दिन
सूर्य14:0714:59दिन
शुक्र14:5915:52दिन
बुध15:5216:45दिन
चंद्र16:4517:38दिन
शनि17:3818:45रात
गुरु18:4519:53रात
मंगल19:5321:00रात
सूर्य21:0022:07रात
शुक्र22:0723:14रात
बुध23:1400:21रात
चंद्र00:2101:28रात
शनि01:2802:35रात
गुरु02:3503:42रात
मंगल03:4204:49रात
सूर्य04:4905:57रात
शुक्र05:5707:04रात

अयनांश 24.2191° (लाहिड़ी)। समय पुष्कर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।