5 जनवरी 2026 को पुष्कर का चौघड़िया

सोमवार, 5 जनवरी 2026, पुष्कर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

सोमवार, 5 जनवरी 2026 को पुष्कर में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण द्वितीया (09:57 तक), नक्षत्र पुष्य (13:25 तक) और योग विष्कंभ है। सूर्योदय 07:20 पर और सूर्यास्त 17:53 पर है। राहुकाल 08:39 से 09:58 तक है।

दिन और रात
दिन 07:20 – 17:53
रात 07:20 तक
तिथि
तृतीया
नक्षत्र
पुष्य, 13:25 तक
आश्लेषा
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

5 जनवरी 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत07:20 – 08:39शुभ
काल08:39 – 09:58टालें
शुभ09:58 – 11:18शुभ
रोग11:18 – 12:37टालें
उद्वेग12:37 – 13:56टालें
चर13:56 – 15:15सामान्य
लाभ15:15 – 16:34शुभ
अमृत16:34 – 17:53शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर17:53 – 19:34सामान्य
रोग19:34 – 21:15टालें
काल21:15 – 22:56टालें
लाभ22:56 – 00:37शुभ
उद्वेग00:37 – 02:18टालें
शुभ02:18 – 03:59शुभ
अमृत03:59 – 05:40शुभ
चर05:40 – 07:20सामान्य

5 जनवरी 2026 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
कृष्ण द्वितीया 09:57 तक
कृष्ण तृतीया 08:02, 6 जन॰ तक
नक्षत्र
पुष्य 13:25 तक
आश्लेषा 12:17, 6 जन॰ तक
योग
विष्कंभअशुभ 22:47 तक
प्रीति 20:21, 6 जन॰ तक
करण
गर 09:57 तक
वणिज 20:54 तक
विष्टि (भद्रा) 08:02, 6 जन॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिधनु
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:20
सूर्यास्त
17:53
चंद्रोदय
20:05
चंद्रास्त
09:01
दिनमान
10h 33m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
माघ
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:33 – 06:26
अभिजीत मुहूर्त
12:16 – 12:58

अशुभ समय

राहुकाल
08:39 – 09:58
यमगंड
11:18 – 12:37
गुलिक काल
13:56 – 15:15

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र07:2008:13दिन
शनि08:1309:06दिन
गुरु09:0609:58दिन
मंगल09:5810:51दिन
सूर्य10:5111:44दिन
शुक्र11:4412:37दिन
बुध12:3713:29दिन
चंद्र13:2914:22दिन
शनि14:2215:15दिन
गुरु15:1516:08दिन
मंगल16:0817:00दिन
सूर्य17:0017:53दिन
शुक्र17:5319:00रात
बुध19:0020:08रात
चंद्र20:0821:15रात
शनि21:1522:22रात
गुरु22:2223:29रात
मंगल23:2900:37रात
सूर्य00:3701:44रात
शुक्र01:4402:51रात
बुध02:5103:59रात
चंद्र03:5905:06रात
शनि05:0606:13रात
गुरु06:1307:20रात

अयनांश 24.2204° (लाहिड़ी)। समय पुष्कर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।