1 फ़रवरी 2026 को पुष्कर का चौघड़िया

रविवार, 1 फ़रवरी 2026, पुष्कर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

रविवार, 1 फ़रवरी 2026 को पुष्कर में सूर्योदय के समय तिथि पूर्णिमा (03:39, 2 फ़र॰ तक), नक्षत्र पुष्य (23:58 तक) और योग प्रीति है। सूर्योदय 07:16 पर और सूर्यास्त 18:14 पर है। राहुकाल 16:52 से 18:14 तक है।

दिन और रात
दिन 07:16 – 18:14
रात 07:16 तक
तिथि
पूर्णिमा, 03:39 तक
प्रतिपदा
नक्षत्र
पुष्य, 23:58 तक
आश्लेषा
चौघड़िया
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

1 फ़रवरी 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग07:16 – 08:38टालें
चर08:38 – 10:01सामान्य
लाभ10:01 – 11:23शुभ
अमृत11:23 – 12:45शुभ
काल12:45 – 14:07टालें
शुभ14:07 – 15:29शुभ
रोग15:29 – 16:52टालें
उद्वेग16:52 – 18:14टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
शुभ18:14 – 19:51शुभ
अमृत19:51 – 21:29शुभ
चर21:29 – 23:07सामान्य
रोग23:07 – 00:45टालें
काल00:45 – 02:22टालें
लाभ02:22 – 04:00शुभ
उद्वेग04:00 – 05:38टालें
शुभ05:38 – 07:16शुभ

1 फ़रवरी 2026 का पंचांग

वाररविवार
तिथि
पूर्णिमा 03:39, 2 फ़र॰ तक
कृष्ण प्रतिपदा 01:52, 3 फ़र॰ तक
नक्षत्र
पुष्य 23:58 तक
आश्लेषा 22:47, 2 फ़र॰ तक
योग
प्रीति 10:18 तक
आयुष्मान 07:20, 2 फ़र॰ तक
करण
विष्टि (भद्रा) 16:43 तक
बव 03:39, 2 फ़र॰ तक
बालव 14:42, 2 फ़र॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमकर
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:16
सूर्यास्त
18:14
चंद्रोदय
17:42
चंद्रास्त
06:49
दिनमान
10h 58m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
माघ
मास (पूर्णिमांत)
माघ
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:32 – 06:24
अभिजीत मुहूर्त
12:23 – 13:07

अशुभ समय

राहुकाल
16:52 – 18:14
यमगंड
12:45 – 14:07
गुलिक काल
15:29 – 16:52

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
सूर्य07:1608:11दिन
शुक्र08:1109:06दिन
बुध09:0610:01दिन
चंद्र10:0110:55दिन
शनि10:5511:50दिन
गुरु11:5012:45दिन
मंगल12:4513:40दिन
सूर्य13:4014:35दिन
शुक्र14:3515:29दिन
बुध15:2916:24दिन
चंद्र16:2417:19दिन
शनि17:1918:14दिन
गुरु18:1419:19रात
मंगल19:1920:24रात
सूर्य20:2421:29रात
शुक्र21:2922:34रात
बुध22:3423:40रात
चंद्र23:4000:45रात
शनि00:4501:50रात
गुरु01:5002:55रात
मंगल02:5504:00रात
सूर्य04:0005:05रात
शुक्र05:0506:11रात
बुध06:1107:16रात

अयनांश 24.2215° (लाहिड़ी)। समय पुष्कर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।