7 फ़रवरी 2026 को पुष्कर का चौघड़िया

शनिवार, 7 फ़रवरी 2026, पुष्कर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शनिवार, 7 फ़रवरी 2026 को पुष्कर में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण षष्ठी (02:54, 8 फ़र॰ तक), नक्षत्र चित्रा (02:28, 8 फ़र॰ तक) और योग शूल है। सूर्योदय 07:13 पर और सूर्यास्त 18:18 पर है। राहुकाल 09:59 से 11:22 तक है।

दिन और रात
दिन 07:13 – 18:18
रात 07:12 तक
तिथि
षष्ठी, 02:54 तक
सप्तमी
नक्षत्र
चित्रा, 02:28 तक
स्वाति
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

7 फ़रवरी 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल07:13 – 08:36टालें
शुभ08:36 – 09:59शुभ
रोग09:59 – 11:22टालें
उद्वेग11:22 – 12:46टालें
चर12:46 – 14:09सामान्य
लाभ14:09 – 15:32शुभ
अमृत15:32 – 16:55शुभ
काल16:55 – 18:18टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ18:18 – 19:55शुभ
उद्वेग19:55 – 21:32टालें
शुभ21:32 – 23:08शुभ
अमृत23:08 – 00:45शुभ
चर00:45 – 02:22सामान्य
रोग02:22 – 03:59टालें
काल03:59 – 05:36टालें
लाभ05:36 – 07:12शुभ

7 फ़रवरी 2026 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
कृष्ण षष्ठी 02:54, 8 फ़र॰ तक
कृष्ण सप्तमी 05:01, 9 फ़र॰ तक
नक्षत्र
चित्रा 02:28, 8 फ़र॰ तक
स्वाति 05:02, 9 फ़र॰ तक
योग
शूलअशुभ 23:40 तक
गंडअशुभ 00:08, 9 फ़र॰ तक
करण
गर 14:02 तक
वणिज 02:54, 8 फ़र॰ तक
विष्टि (भद्रा) 15:55, 8 फ़र॰ तक
चंद्र राशि
कन्या 13:21 तक
सूर्य राशिमकर
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:13
सूर्यास्त
18:18
चंद्रोदय
23:35
चंद्रास्त
10:15
दिनमान
11h 5m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
माघ
मास (पूर्णिमांत)
फाल्गुन
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:30 – 06:21
अभिजीत मुहूर्त
12:23 – 13:08

अशुभ समय

राहुकाल
09:59 – 11:22
यमगंड
14:09 – 15:32
गुलिक काल
07:13 – 08:36

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि07:1308:08दिन
गुरु08:0809:04दिन
मंगल09:0409:59दिन
सूर्य09:5910:55दिन
शुक्र10:5511:50दिन
बुध11:5012:46दिन
चंद्र12:4613:41दिन
शनि13:4114:36दिन
गुरु14:3615:32दिन
मंगल15:3216:27दिन
सूर्य16:2717:23दिन
शुक्र17:2318:18दिन
बुध18:1819:23रात
चंद्र19:2320:27रात
शनि20:2721:32रात
गुरु21:3222:36रात
मंगल22:3623:41रात
सूर्य23:4100:45रात
शुक्र00:4501:50रात
बुध01:5002:54रात
चंद्र02:5403:59रात
शनि03:5905:03रात
गुरु05:0306:08रात
मंगल06:0807:12रात

अयनांश 24.2217° (लाहिड़ी)। समय पुष्कर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।