16 मार्च 2026 को पुष्कर का चौघड़िया

सोमवार, 16 मार्च 2026, पुष्कर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

सोमवार, 16 मार्च 2026 को पुष्कर में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण द्वादशी (09:41 तक), नक्षत्र धनिष्ठा (06:22, 17 मार्च तक) और योग शिव है। सूर्योदय 06:40 पर और सूर्यास्त 18:40 पर है। राहुकाल 08:10 से 09:40 तक है।

दिन और रात
दिन 06:40 – 18:40
रात 06:39 तक
तिथि
त्रयोदशी
नक्षत्र
धनिष्ठा, 06:22 तक
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

16 मार्च 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत06:40 – 08:10शुभ
काल08:10 – 09:40टालें
शुभ09:40 – 11:10शुभ
रोग11:10 – 12:40टालें
उद्वेग12:40 – 14:10टालें
चर14:10 – 15:40सामान्य
लाभ15:40 – 17:10शुभ
अमृत17:10 – 18:40शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर18:40 – 20:10सामान्य
रोग20:10 – 21:40टालें
काल21:40 – 23:10टालें
लाभ23:10 – 00:40शुभ
उद्वेग00:40 – 02:09टालें
शुभ02:09 – 03:39शुभ
अमृत03:39 – 05:09शुभ
चर05:09 – 06:39सामान्य

16 मार्च 2026 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
कृष्ण द्वादशी 09:41 तक
कृष्ण त्रयोदशी 09:23, 17 मार्च तक
नक्षत्र
धनिष्ठा 06:22, 17 मार्च तक
शतभिषा 06:09, 18 मार्च तक
योग
शिव 09:36 तक
सिद्ध 08:15, 17 मार्च तक
करण
तैतिल 09:41 तक
गर 21:37 तक
वणिज 09:23, 17 मार्च तक
चंद्र राशि
मकर 18:14 तक
सूर्य राशिमीन
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:40
सूर्यास्त
18:40
चंद्रोदय
04:54
चंद्रास्त
16:07
दिनमान
12h 0m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
फाल्गुन
मास (पूर्णिमांत)
चैत्र
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:04 – 05:52
अभिजीत मुहूर्त
12:16 – 13:04

अशुभ समय

राहुकाल
08:10 – 09:40
यमगंड
11:10 – 12:40
गुलिक काल
14:10 – 15:40

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र06:4007:40दिन
शनि07:4008:40दिन
गुरु08:4009:40दिन
मंगल09:4010:40दिन
सूर्य10:4011:40दिन
शुक्र11:4012:40दिन
बुध12:4013:40दिन
चंद्र13:4014:40दिन
शनि14:4015:40दिन
गुरु15:4016:40दिन
मंगल16:4017:40दिन
सूर्य17:4018:40दिन
शुक्र18:4019:40रात
बुध19:4020:40रात
चंद्र20:4021:40रात
शनि21:4022:40रात
गुरु22:4023:40रात
मंगल23:4000:40रात
सूर्य00:4001:39रात
शुक्र01:3902:39रात
बुध02:3903:39रात
चंद्र03:3904:39रात
शनि04:3905:39रात
गुरु05:3906:39रात

अयनांश 24.2231° (लाहिड़ी)। समय पुष्कर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।