4 अप्रैल 2026 को पुष्कर का चौघड़िया

शनिवार, 4 अप्रैल 2026, पुष्कर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शनिवार, 4 अप्रैल 2026 को पुष्कर में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण द्वितीया (10:09 तक), नक्षत्र स्वाति (21:35 तक) और योग हर्षण है। सूर्योदय 06:19 पर और सूर्यास्त 18:50 पर है। राहुकाल 09:27 से 11:01 तक है।

दिन और रात
दिन 06:19 – 18:50
रात 06:18 तक
तिथि
द्वितीया, 10:09 तक
तृतीया
नक्षत्र
स्वाति, 21:35 तक
विशाखा
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

4 अप्रैल 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल06:19 – 07:53टालें
शुभ07:53 – 09:27शुभ
रोग09:27 – 11:01टालें
उद्वेग11:01 – 12:35टालें
चर12:35 – 14:08सामान्य
लाभ14:08 – 15:42शुभ
अमृत15:42 – 17:16शुभ
काल17:16 – 18:50टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ18:50 – 20:16शुभ
उद्वेग20:16 – 21:42टालें
शुभ21:42 – 23:08शुभ
अमृत23:08 – 00:34शुभ
चर00:34 – 02:00सामान्य
रोग02:00 – 03:26टालें
काल03:26 – 04:52टालें
लाभ04:52 – 06:18शुभ

4 अप्रैल 2026 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
कृष्ण द्वितीया 10:09 तक
कृष्ण तृतीया 12:00, 5 अप्रैल तक
नक्षत्र
स्वाति 21:35 तक
विशाखा 00:08, 6 अप्रैल तक
योग
हर्षण 14:17 तक
वज्रअशुभ 14:43, 5 अप्रैल तक
करण
गर 10:09 तक
वणिज 23:02 तक
विष्टि (भद्रा) 12:00, 5 अप्रैल तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमीन
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:19
सूर्यास्त
18:50
चंद्रोदय
21:03
चंद्रास्त
07:16
दिनमान
12h 30m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
चैत्र
मास (पूर्णिमांत)
वैशाख
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
वसंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:47 – 05:33
अभिजीत मुहूर्त
12:09 – 13:00

अशुभ समय

राहुकाल
09:27 – 11:01
यमगंड
14:08 – 15:42
गुलिक काल
06:19 – 07:53

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि06:1907:22दिन
गुरु07:2208:24दिन
मंगल08:2409:27दिन
सूर्य09:2710:29दिन
शुक्र10:2911:32दिन
बुध11:3212:35दिन
चंद्र12:3513:37दिन
शनि13:3714:40दिन
गुरु14:4015:42दिन
मंगल15:4216:45दिन
सूर्य16:4517:47दिन
शुक्र17:4718:50दिन
बुध18:5019:47रात
चंद्र19:4720:44रात
शनि20:4421:42रात
गुरु21:4222:39रात
मंगल22:3923:37रात
सूर्य23:3700:34रात
शुक्र00:3401:31रात
बुध01:3102:29रात
चंद्र02:2903:26रात
शनि03:2604:24रात
गुरु04:2405:21रात
मंगल05:2106:18रात

अयनांश 24.2238° (लाहिड़ी)। समय पुष्कर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।