27 अगस्त 2026 को पुष्कर का चौघड़िया

गुरुवार, 27 अगस्त 2026, पुष्कर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

गुरुवार, 27 अगस्त 2026 को पुष्कर में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल चतुर्दशी (09:09 तक), नक्षत्र धनिष्ठा (02:15, 28 अग॰ तक) और योग शोभन है। सूर्योदय 06:09 पर और सूर्यास्त 18:57 पर है। राहुकाल 14:09 से 15:45 तक है।

दिन और रात
दिन 06:09 – 18:57
रात 06:09 तक
तिथि
पूर्णिमा
नक्षत्र
धनिष्ठा, 02:15 तक
शतभिषा
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

27 अगस्त 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ06:09 – 07:45शुभ
रोग07:45 – 09:21टालें
उद्वेग09:21 – 10:57टालें
चर10:57 – 12:33सामान्य
लाभ12:33 – 14:09शुभ
अमृत14:09 – 15:45शुभ
काल15:45 – 17:21टालें
शुभ17:21 – 18:57शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत18:57 – 20:21शुभ
चर20:21 – 21:45सामान्य
रोग21:45 – 23:09टालें
काल23:09 – 00:33टालें
लाभ00:33 – 01:57शुभ
उद्वेग01:57 – 03:21टालें
शुभ03:21 – 04:45शुभ
अमृत04:45 – 06:09शुभ

27 अगस्त 2026 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
शुक्ल चतुर्दशी 09:09 तक
पूर्णिमा 09:48, 28 अग॰ तक
नक्षत्र
धनिष्ठा 02:15, 28 अग॰ तक
शतभिषा 03:13, 29 अग॰ तक
योग
शोभन 07:55 तक
अतिगंडअशुभ 07:27, 28 अग॰ तक
करण
वणिज 09:09 तक
विष्टि (भद्रा) 21:32 तक
बव 09:48, 28 अग॰ तक
चंद्र राशि
मकर 13:35 तक
सूर्य राशिसिंह
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:09
सूर्यास्त
18:57
चंद्रोदय
18:31
चंद्रास्त
05:08
दिनमान
12h 48m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
श्रावण
मास (पूर्णिमांत)
श्रावण
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:39 – 05:24
अभिजीत मुहूर्त
12:07 – 12:58

अशुभ समय

राहुकाल
14:09 – 15:45
यमगंड
06:09 – 07:45
गुलिक काल
09:21 – 10:57

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु06:0907:13दिन
मंगल07:1308:17दिन
सूर्य08:1709:21दिन
शुक्र09:2110:25दिन
बुध10:2511:29दिन
चंद्र11:2912:33दिन
शनि12:3313:37दिन
गुरु13:3714:41दिन
मंगल14:4115:45दिन
सूर्य15:4516:49दिन
शुक्र16:4917:53दिन
बुध17:5318:57दिन
चंद्र18:5719:53रात
शनि19:5320:49रात
गुरु20:4921:45रात
मंगल21:4522:41रात
सूर्य22:4123:37रात
शुक्र23:3700:33रात
बुध00:3301:29रात
चंद्र01:2902:25रात
शनि02:2503:21रात
गुरु03:2104:17रात
मंगल04:1705:13रात
सूर्य05:1306:09रात

अयनांश 24.2294° (लाहिड़ी)। समय पुष्कर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।