10 नवंबर 2026 को पुष्कर का चौघड़िया

मंगलवार, 10 नवंबर 2026, पुष्कर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

मंगलवार, 10 नवंबर 2026 को पुष्कर में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल प्रतिपदा (14:00 तक), नक्षत्र विशाखा (09:19 तक) और योग शोभन है। सूर्योदय 06:46 पर और सूर्यास्त 17:44 पर है। राहुकाल 14:59 से 16:21 तक है।

दिन और रात
दिन 06:46 – 17:44
रात 06:47 तक
तिथि
प्रतिपदा, 14:00 तक
द्वितीया
नक्षत्र
अनुराधा
चौघड़िया
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

10 नवंबर 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
रोग06:46 – 08:09टालें
उद्वेग08:09 – 09:31टालें
चर09:31 – 10:53सामान्य
लाभ10:53 – 12:15शुभ
अमृत12:15 – 13:37शुभ
काल13:37 – 14:59टालें
शुभ14:59 – 16:21शुभ
रोग16:21 – 17:44टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
काल17:44 – 19:22टालें
लाभ19:22 – 20:59शुभ
उद्वेग20:59 – 22:37टालें
शुभ22:37 – 00:15शुभ
अमृत00:15 – 01:53शुभ
चर01:53 – 03:31सामान्य
रोग03:31 – 05:09टालें
काल05:09 – 06:47टालें

10 नवंबर 2026 का पंचांग

वारमंगलवार
तिथि
शुक्ल प्रतिपदा 14:00 तक
शुक्ल द्वितीया 15:53, 11 नव॰ तक
नक्षत्र
विशाखा 09:19 तक
अनुराधा 11:38, 11 नव॰ तक
योग
शोभन 03:09, 11 नव॰ तक
अतिगंडअशुभ 03:40, 12 नव॰ तक
करण
बव 14:00 तक
बालव 02:54, 11 नव॰ तक
कौलव 15:53, 11 नव॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशितुला
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:46
सूर्यास्त
17:44
चंद्रोदय
07:39
चंद्रास्त
18:13
दिनमान
10h 57m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
कार्तिक
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:02 – 05:54
अभिजीत मुहूर्त
11:53 – 12:37

अशुभ समय

राहुकाल
14:59 – 16:21
यमगंड
09:31 – 10:53
गुलिक काल
12:15 – 13:37

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
मंगल06:4607:41दिन
सूर्य07:4108:36दिन
शुक्र08:3609:31दिन
बुध09:3110:26दिन
चंद्र10:2611:20दिन
शनि11:2012:15दिन
गुरु12:1513:10दिन
मंगल13:1014:05दिन
सूर्य14:0514:59दिन
शुक्र14:5915:54दिन
बुध15:5416:49दिन
चंद्र16:4917:44दिन
शनि17:4418:49रात
गुरु18:4919:54रात
मंगल19:5420:59रात
सूर्य20:5922:05रात
शुक्र22:0523:10रात
बुध23:1000:15रात
चंद्र00:1501:21रात
शनि01:2102:26रात
गुरु02:2603:31रात
मंगल03:3104:37रात
सूर्य04:3705:42रात
शुक्र05:4206:47रात

अयनांश 24.2322° (लाहिड़ी)। समय पुष्कर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।