4 दिसंबर 2026 को पुष्कर का चौघड़िया

शुक्रवार, 4 दिसंबर 2026, पुष्कर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शुक्रवार, 4 दिसंबर 2026 को पुष्कर में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण एकादशी (23:45 तक), नक्षत्र हस्त (10:23 तक) और योग आयुष्मान है। सूर्योदय 07:04 पर और सूर्यास्त 17:38 पर है। राहुकाल 11:02 से 12:21 तक है।

दिन और रात
दिन 07:04 – 17:38
रात 07:05 तक
तिथि
एकादशी, 23:45 तक
द्वादशी
नक्षत्र
हस्त, 10:23 तक
चित्रा
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

4 दिसंबर 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर07:04 – 08:23सामान्य
लाभ08:23 – 09:43शुभ
अमृत09:43 – 11:02शुभ
काल11:02 – 12:21टालें
शुभ12:21 – 13:41शुभ
रोग13:41 – 15:00टालें
उद्वेग15:00 – 16:19टालें
चर16:19 – 17:38सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग17:38 – 19:19टालें
काल19:19 – 21:00टालें
लाभ21:00 – 22:41शुभ
उद्वेग22:41 – 00:22टालें
शुभ00:22 – 02:02शुभ
अमृत02:02 – 03:43शुभ
चर03:43 – 05:24सामान्य
रोग05:24 – 07:05टालें

4 दिसंबर 2026 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
कृष्ण एकादशी 23:45 तक
कृष्ण द्वादशी 00:52, 6 दिस॰ तक
नक्षत्र
हस्त 10:23 तक
चित्रा 11:49, 5 दिस॰ तक
योग
आयुष्मान 08:23 तक
सौभाग्य 07:53, 5 दिस॰ तक
करण
बव 11:21 तक
बालव 23:45 तक
कौलव 12:15, 5 दिस॰ तक
चंद्र राशि
कन्या 23:02 तक
सूर्य राशिवृश्चिक
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:04
सूर्यास्त
17:38
चंद्रोदय
02:42
चंद्रास्त
14:21
दिनमान
10h 34m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
कार्तिक
मास (पूर्णिमांत)
मार्गशीर्ष
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:17 – 06:10
अभिजीत मुहूर्त
12:00 – 12:42

अशुभ समय

राहुकाल
11:02 – 12:21
यमगंड
15:00 – 16:19
गुलिक काल
08:23 – 09:43

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र07:0407:57दिन
बुध07:5708:50दिन
चंद्र08:5009:43दिन
शनि09:4310:36दिन
गुरु10:3611:28दिन
मंगल11:2812:21दिन
सूर्य12:2113:14दिन
शुक्र13:1414:07दिन
बुध14:0715:00दिन
चंद्र15:0015:53दिन
शनि15:5316:46दिन
गुरु16:4617:38दिन
मंगल17:3818:46रात
सूर्य18:4619:53रात
शुक्र19:5321:00रात
बुध21:0022:07रात
चंद्र22:0723:14रात
शनि23:1400:22रात
गुरु00:2201:29रात
मंगल01:2902:36रात
सूर्य02:3603:43रात
शुक्र03:4304:50रात
बुध04:5005:58रात
चंद्र05:5807:05रात

अयनांश 24.2332° (लाहिड़ी)। समय पुष्कर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।