31 दिसंबर 2026 को पुष्कर का चौघड़िया

गुरुवार, 31 दिसंबर 2026, पुष्कर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

गुरुवार, 31 दिसंबर 2026 को पुष्कर में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण अष्टमी (12:32 तक), नक्षत्र हस्त (16:13 तक) और योग शोभन है। सूर्योदय 07:19 पर और सूर्यास्त 17:49 पर है। राहुकाल 13:53 से 15:12 तक है।

दिन और रात
दिन 07:19 – 17:49
रात 07:19 तक
तिथि
अष्टमी, 12:32 तक
नवमी
नक्षत्र
हस्त, 16:13 तक
चित्रा
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

31 दिसंबर 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ07:19 – 08:38शुभ
रोग08:38 – 09:57टालें
उद्वेग09:57 – 11:15टालें
चर11:15 – 12:34सामान्य
लाभ12:34 – 13:53शुभ
अमृत13:53 – 15:12शुभ
काल15:12 – 16:31टालें
शुभ16:31 – 17:49शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत17:49 – 19:31शुभ
चर19:31 – 21:12सामान्य
रोग21:12 – 22:53टालें
काल22:53 – 00:34टालें
लाभ00:34 – 02:16शुभ
उद्वेग02:16 – 03:57टालें
शुभ03:57 – 05:38शुभ
अमृत05:38 – 07:19शुभ

31 दिसंबर 2026 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
कृष्ण अष्टमी 12:32 तक
कृष्ण नवमी 13:10, 1 जन॰ तक
नक्षत्र
हस्त 16:13 तक
चित्रा 17:29, 1 जन॰ तक
योग
शोभन 12:26 तक
अतिगंडअशुभ 11:43, 1 जन॰ तक
करण
कौलव 12:32 तक
तैतिल 00:46, 1 जन॰ तक
गर 13:10, 1 जन॰ तक
चंद्र राशि
कन्या 04:47, 1 जन॰ तक
सूर्य राशिधनु
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:19
सूर्यास्त
17:49
चंद्रोदय
00:37
चंद्रास्त
12:22
दिनमान
10h 30m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
मार्गशीर्ष
मास (पूर्णिमांत)
पौष
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:31 – 06:25
अभिजीत मुहूर्त
12:13 – 12:55

अशुभ समय

राहुकाल
13:53 – 15:12
यमगंड
07:19 – 08:38
गुलिक काल
09:57 – 11:15

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु07:1908:12दिन
मंगल08:1209:04दिन
सूर्य09:0409:57दिन
शुक्र09:5710:49दिन
बुध10:4911:42दिन
चंद्र11:4212:34दिन
शनि12:3413:27दिन
गुरु13:2714:19दिन
मंगल14:1915:12दिन
सूर्य15:1216:04दिन
शुक्र16:0416:57दिन
बुध16:5717:49दिन
चंद्र17:4918:57रात
शनि18:5720:04रात
गुरु20:0421:12रात
मंगल21:1222:19रात
सूर्य22:1923:27रात
शुक्र23:2700:34रात
बुध00:3401:42रात
चंद्र01:4202:49रात
शनि02:4903:57रात
गुरु03:5705:04रात
मंगल05:0406:12रात
सूर्य06:1207:19रात

अयनांश 24.2342° (लाहिड़ी)। समय पुष्कर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।