2 जनवरी 2027 को पुष्कर का चौघड़िया

शनिवार, 2 जनवरी 2027, पुष्कर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शनिवार, 2 जनवरी 2027 को पुष्कर में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण दशमी (14:24 तक), नक्षत्र स्वाति (19:19 तक) और योग सुकर्मा है। सूर्योदय 07:20 पर और सूर्यास्त 17:51 पर है। राहुकाल 09:57 से 11:16 तक है।

दिन और रात
दिन 07:20 – 17:51
रात 07:20 तक
तिथि
दशमी, 14:24 तक
एकादशी
नक्षत्र
स्वाति, 19:19 तक
विशाखा
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

2 जनवरी 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल07:20 – 08:38टालें
शुभ08:38 – 09:57शुभ
रोग09:57 – 11:16टालें
उद्वेग11:16 – 12:35टालें
चर12:35 – 13:54सामान्य
लाभ13:54 – 15:13शुभ
अमृत15:13 – 16:32शुभ
काल16:32 – 17:51टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ17:51 – 19:32शुभ
उद्वेग19:32 – 21:13टालें
शुभ21:13 – 22:54शुभ
अमृत22:54 – 00:35शुभ
चर00:35 – 02:16सामान्य
रोग02:16 – 03:58टालें
काल03:58 – 05:39टालें
लाभ05:39 – 07:20शुभ

2 जनवरी 2027 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
कृष्ण दशमी 14:24 तक
कृष्ण एकादशी 16:08, 3 जन॰ तक
नक्षत्र
स्वाति 19:19 तक
विशाखा 21:37, 3 जन॰ तक
योग
सुकर्मा 11:28 तक
धृति 11:37, 3 जन॰ तक
करण
विष्टि (भद्रा) 14:24 तक
बव 03:13, 3 जन॰ तक
बालव 16:08, 3 जन॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिधनु
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:20
सूर्यास्त
17:51
चंद्रोदय
02:30
चंद्रास्त
13:31
दिनमान
10h 31m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
मार्गशीर्ष
मास (पूर्णिमांत)
पौष
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:32 – 06:26
अभिजीत मुहूर्त
12:14 – 12:56

अशुभ समय

राहुकाल
09:57 – 11:16
यमगंड
13:54 – 15:13
गुलिक काल
07:20 – 08:38

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि07:2008:12दिन
गुरु08:1209:05दिन
मंगल09:0509:57दिन
सूर्य09:5710:50दिन
शुक्र10:5011:43दिन
बुध11:4312:35दिन
चंद्र12:3513:28दिन
शनि13:2814:20दिन
गुरु14:2015:13दिन
मंगल15:1316:06दिन
सूर्य16:0616:58दिन
शुक्र16:5817:51दिन
बुध17:5118:58रात
चंद्र18:5820:06रात
शनि20:0621:13रात
गुरु21:1322:20रात
मंगल22:2023:28रात
सूर्य23:2800:35रात
शुक्र00:3501:43रात
बुध01:4302:50रात
चंद्र02:5003:58रात
शनि03:5805:05रात
गुरु05:0506:12रात
मंगल06:1207:20रात

अयनांश 24.2343° (लाहिड़ी)। समय पुष्कर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।