18 मार्च 2027 को पुष्कर का चौघड़िया

गुरुवार, 18 मार्च 2027, पुष्कर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

गुरुवार, 18 मार्च 2027 को पुष्कर में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल एकादशी (01:51, 19 मार्च तक), नक्षत्र पुष्य (03:21, 19 मार्च तक) और योग अतिगंड है। सूर्योदय 06:38 पर और सूर्यास्त 18:41 पर है। राहुकाल 14:10 से 15:40 तक है।

दिन और रात
दिन 06:38 – 18:41
रात 06:37 तक
तिथि
एकादशी, 01:51 तक
द्वादशी
नक्षत्र
पुष्य, 03:21 तक
आश्लेषा
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

18 मार्च 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ06:38 – 08:08शुभ
रोग08:08 – 09:39टालें
उद्वेग09:39 – 11:09टालें
चर11:09 – 12:40सामान्य
लाभ12:40 – 14:10शुभ
अमृत14:10 – 15:40शुभ
काल15:40 – 17:11टालें
शुभ17:11 – 18:41शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत18:41 – 20:11शुभ
चर20:11 – 21:40सामान्य
रोग21:40 – 23:10टालें
काल23:10 – 00:39टालें
लाभ00:39 – 02:09शुभ
उद्वेग02:09 – 03:38टालें
शुभ03:38 – 05:07शुभ
अमृत05:07 – 06:37शुभ

18 मार्च 2027 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
शुक्ल एकादशी 01:51, 19 मार्च तक
शुक्ल द्वादशी 23:17, 19 मार्च तक
नक्षत्र
पुष्य 03:21, 19 मार्च तक
आश्लेषा 01:31, 20 मार्च तक
योग
अतिगंडअशुभ 02:34, 19 मार्च तक
सुकर्मा 23:19, 19 मार्च तक
करण
वणिज 15:07 तक
विष्टि (भद्रा) 01:51, 19 मार्च तक
बव 12:34, 19 मार्च तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमीन
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:38
सूर्यास्त
18:41
चंद्रोदय
14:29
चंद्रास्त
03:34
दिनमान
12h 3m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
फाल्गुन
मास (पूर्णिमांत)
फाल्गुन
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:02 – 05:50
अभिजीत मुहूर्त
12:16 – 13:04

अशुभ समय

राहुकाल
14:10 – 15:40
यमगंड
06:38 – 08:08
गुलिक काल
09:39 – 11:09

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु06:3807:38दिन
मंगल07:3808:39दिन
सूर्य08:3909:39दिन
शुक्र09:3910:39दिन
बुध10:3911:39दिन
चंद्र11:3912:40दिन
शनि12:4013:40दिन
गुरु13:4014:40दिन
मंगल14:4015:40दिन
सूर्य15:4016:41दिन
शुक्र16:4117:41दिन
बुध17:4118:41दिन
चंद्र18:4119:41रात
शनि19:4120:41रात
गुरु20:4121:40रात
मंगल21:4022:40रात
सूर्य22:4023:39रात
शुक्र23:3900:39रात
बुध00:3901:39रात
चंद्र01:3902:38रात
शनि02:3803:38रात
गुरु03:3804:38रात
मंगल04:3805:37रात
सूर्य05:3706:37रात

अयनांश 24.2371° (लाहिड़ी)। समय पुष्कर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।