23 मार्च 2027 को पुष्कर का चौघड़िया

मंगलवार, 23 मार्च 2027, पुष्कर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

मंगलवार, 23 मार्च 2027 को पुष्कर में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण प्रतिपदा (14:28 तक), नक्षत्र हस्त (19:49 तक) और योग वृद्धि है। सूर्योदय 06:33 पर और सूर्यास्त 18:44 पर है। राहुकाल 15:41 से 17:12 तक है।

दिन और रात
दिन 06:33 – 18:44
रात 06:32 तक
तिथि
प्रतिपदा, 14:28 तक
द्वितीया
नक्षत्र
हस्त, 19:49 तक
चित्रा
चौघड़िया
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

23 मार्च 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
रोग06:33 – 08:04टालें
उद्वेग08:04 – 09:35टालें
चर09:35 – 11:07सामान्य
लाभ11:07 – 12:38शुभ
अमृत12:38 – 14:10शुभ
काल14:10 – 15:41टालें
शुभ15:41 – 17:12शुभ
रोग17:12 – 18:44टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
काल18:44 – 20:12टालें
लाभ20:12 – 21:41शुभ
उद्वेग21:41 – 23:09टालें
शुभ23:09 – 00:38शुभ
अमृत00:38 – 02:06शुभ
चर02:06 – 03:35सामान्य
रोग03:35 – 05:03टालें
काल05:03 – 06:32टालें

23 मार्च 2027 का पंचांग

वारमंगलवार
तिथि
कृष्ण प्रतिपदा 14:28 तक
कृष्ण द्वितीया 13:14, 24 मार्च तक
नक्षत्र
हस्त 19:49 तक
चित्रा 19:25, 24 मार्च तक
योग
वृद्धि 11:27 तक
ध्रुव 09:15, 24 मार्च तक
करण
कौलव 14:28 तक
तैतिल 01:47, 24 मार्च तक
गर 13:14, 24 मार्च तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमीन
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:33
सूर्यास्त
18:44
चंद्रोदय
19:49
चंद्रास्त
06:45
दिनमान
12h 11m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
फाल्गुन
मास (पूर्णिमांत)
चैत्र
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:58 – 05:45
अभिजीत मुहूर्त
12:14 – 13:03

अशुभ समय

राहुकाल
15:41 – 17:12
यमगंड
09:35 – 11:07
गुलिक काल
12:38 – 14:10

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
मंगल06:3307:34दिन
सूर्य07:3408:34दिन
शुक्र08:3409:35दिन
बुध09:3510:36दिन
चंद्र10:3611:37दिन
शनि11:3712:38दिन
गुरु12:3813:39दिन
मंगल13:3914:40दिन
सूर्य14:4015:41दिन
शुक्र15:4116:42दिन
बुध16:4217:43दिन
चंद्र17:4318:44दिन
शनि18:4419:43रात
गुरु19:4320:42रात
मंगल20:4221:41रात
सूर्य21:4122:40रात
शुक्र22:4023:39रात
बुध23:3900:38रात
चंद्र00:3801:37रात
शनि01:3702:36रात
गुरु02:3603:35रात
मंगल03:3504:34रात
सूर्य04:3405:33रात
शुक्र05:3306:32रात

अयनांश 24.2373° (लाहिड़ी)। समय पुष्कर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।