12 अप्रैल 2027 को पुष्कर का चौघड़िया

सोमवार, 12 अप्रैल 2027, पुष्कर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

सोमवार, 12 अप्रैल 2027 को पुष्कर में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल षष्ठी (19:35 तक), नक्षत्र मृगशिरा (13:34 तक) और योग शोभन है। सूर्योदय 06:11 पर और सूर्यास्त 18:53 पर है। राहुकाल 07:47 से 09:22 तक है।

दिन और रात
दिन 06:11 – 18:53
रात 06:10 तक
तिथि
षष्ठी, 19:35 तक
सप्तमी
नक्षत्र
मृगशिरा, 13:34 तक
आर्द्रा
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

12 अप्रैल 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत06:11 – 07:47शुभ
काल07:47 – 09:22टालें
शुभ09:22 – 10:57शुभ
रोग10:57 – 12:32टालें
उद्वेग12:32 – 14:08टालें
चर14:08 – 15:43सामान्य
लाभ15:43 – 17:18शुभ
अमृत17:18 – 18:53शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर18:53 – 20:18सामान्य
रोग20:18 – 21:43टालें
काल21:43 – 23:07टालें
लाभ23:07 – 00:32शुभ
उद्वेग00:32 – 01:57टालें
शुभ01:57 – 03:21शुभ
अमृत03:21 – 04:46शुभ
चर04:46 – 06:10सामान्य

12 अप्रैल 2027 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
शुक्ल षष्ठी 19:35 तक
शुक्ल सप्तमी 17:29, 13 अप्रैल तक
नक्षत्र
आर्द्रा 12:13, 13 अप्रैल तक
योग
शोभन 16:48 तक
अतिगंडअशुभ 13:59, 13 अप्रैल तक
करण
कौलव 08:38 तक
तैतिल 19:35 तक
गर 06:32, 13 अप्रैल तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमीन
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:11
सूर्यास्त
18:53
चंद्रोदय
10:07
चंद्रास्त
इस दिन चंद्रास्त नहीं
दिनमान
12h 42m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
चैत्र
मास (पूर्णिमांत)
चैत्र
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
वसंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:41 – 05:26
अभिजीत मुहूर्त
12:07 – 12:58

अशुभ समय

राहुकाल
07:47 – 09:22
यमगंड
10:57 – 12:32
गुलिक काल
14:08 – 15:43

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र06:1107:15दिन
शनि07:1508:18दिन
गुरु08:1809:22दिन
मंगल09:2210:25दिन
सूर्य10:2511:29दिन
शुक्र11:2912:32दिन
बुध12:3213:36दिन
चंद्र13:3614:39दिन
शनि14:3915:43दिन
गुरु15:4316:46दिन
मंगल16:4617:50दिन
सूर्य17:5018:53दिन
शुक्र18:5319:50रात
बुध19:5020:46रात
चंद्र20:4621:43रात
शनि21:4322:39रात
गुरु22:3923:35रात
मंगल23:3500:32रात
सूर्य00:3201:28रात
शुक्र01:2802:25रात
बुध02:2503:21रात
चंद्र03:2104:18रात
शनि04:1805:14रात
गुरु05:1406:10रात

अयनांश 24.2381° (लाहिड़ी)। समय पुष्कर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।