11 अप्रैल 2027 को पुष्कर का चौघड़िया

रविवार, 11 अप्रैल 2027, पुष्कर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

रविवार, 11 अप्रैल 2027 को पुष्कर में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल पंचमी (21:40 तक), नक्षत्र रोहिणी (14:53 तक) और योग सौभाग्य है। सूर्योदय 06:12 पर और सूर्यास्त 18:53 पर है। राहुकाल 17:18 से 18:53 तक है।

दिन और रात
दिन 06:12 – 18:53
रात 06:11 तक
तिथि
पंचमी, 21:40 तक
षष्ठी
नक्षत्र
रोहिणी, 14:53 तक
मृगशिरा
चौघड़िया
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

11 अप्रैल 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग06:12 – 07:47टालें
चर07:47 – 09:23सामान्य
लाभ09:23 – 10:58शुभ
अमृत10:58 – 12:33शुभ
काल12:33 – 14:08टालें
शुभ14:08 – 15:43शुभ
रोग15:43 – 17:18टालें
उद्वेग17:18 – 18:53टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
शुभ18:53 – 20:18शुभ
अमृत20:18 – 21:43शुभ
चर21:43 – 23:07सामान्य
रोग23:07 – 00:32टालें
काल00:32 – 01:57टालें
लाभ01:57 – 03:22शुभ
उद्वेग03:22 – 04:47टालें
शुभ04:47 – 06:11शुभ

11 अप्रैल 2027 का पंचांग

वाररविवार
तिथि
शुक्ल पंचमी 21:40 तक
शुक्ल षष्ठी 19:35, 12 अप्रैल तक
नक्षत्र
रोहिणी 14:53 तक
मृगशिरा 13:34, 12 अप्रैल तक
योग
सौभाग्य 19:37 तक
शोभन 16:48, 12 अप्रैल तक
करण
बव 10:41 तक
बालव 21:40 तक
कौलव 08:38, 12 अप्रैल तक
चंद्र राशि
वृषभ 02:14, 12 अप्रैल तक
सूर्य राशिमीन
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:12
सूर्यास्त
18:53
चंद्रोदय
09:05
चंद्रास्त
23:39
दिनमान
12h 41m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
चैत्र
मास (पूर्णिमांत)
चैत्र
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
वसंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:42 – 05:27
अभिजीत मुहूर्त
12:07 – 12:58

अशुभ समय

राहुकाल
17:18 – 18:53
यमगंड
12:33 – 14:08
गुलिक काल
15:43 – 17:18

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
सूर्य06:1207:16दिन
शुक्र07:1608:19दिन
बुध08:1909:23दिन
चंद्र09:2310:26दिन
शनि10:2611:29दिन
गुरु11:2912:33दिन
मंगल12:3313:36दिन
सूर्य13:3614:39दिन
शुक्र14:3915:43दिन
बुध15:4316:46दिन
चंद्र16:4617:50दिन
शनि17:5018:53दिन
गुरु18:5319:49रात
मंगल19:4920:46रात
सूर्य20:4621:43रात
शुक्र21:4322:39रात
बुध22:3923:36रात
चंद्र23:3600:32रात
शनि00:3201:29रात
गुरु01:2902:25रात
मंगल02:2503:22रात
सूर्य03:2204:18रात
शुक्र04:1805:15रात
बुध05:1506:11रात

अयनांश 24.2381° (लाहिड़ी)। समय पुष्कर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।