16 अप्रैल 2027 को पुष्कर का चौघड़िया

शुक्रवार, 16 अप्रैल 2027, पुष्कर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शुक्रवार, 16 अप्रैल 2027 को पुष्कर में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल दशमी (11:22 तक), नक्षत्र आश्लेषा (08:18 तक) और योग गंड है। सूर्योदय 06:07 पर और सूर्यास्त 18:55 पर है। राहुकाल 10:55 से 12:31 तक है।

दिन और रात
दिन 06:07 – 18:55
रात 06:06 तक
तिथि
दशमी, 11:22 तक
एकादशी
नक्षत्र
मघा
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

16 अप्रैल 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर06:07 – 07:43सामान्य
लाभ07:43 – 09:19शुभ
अमृत09:19 – 10:55शुभ
काल10:55 – 12:31टालें
शुभ12:31 – 14:07शुभ
रोग14:07 – 15:43टालें
उद्वेग15:43 – 17:19टालें
चर17:19 – 18:55सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग18:55 – 20:19टालें
काल20:19 – 21:43टालें
लाभ21:43 – 23:07शुभ
उद्वेग23:07 – 00:31टालें
शुभ00:31 – 01:55शुभ
अमृत01:55 – 03:19शुभ
चर03:19 – 04:43सामान्य
रोग04:43 – 06:06टालें

16 अप्रैल 2027 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
शुक्ल दशमी 11:22 तक
शुक्ल एकादशी 09:28, 17 अप्रैल तक
नक्षत्र
मघा 07:08, 17 अप्रैल तक
योग
गंडअशुभ 02:58, 17 अप्रैल तक
वृद्धि 00:24, 18 अप्रैल तक
करण
गर 11:22 तक
वणिज 22:24 तक
विष्टि (भद्रा) 09:28, 17 अप्रैल तक
चंद्र राशि
कर्क 08:18 तक
सूर्य राशिमेष
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:07
सूर्यास्त
18:55
चंद्रोदय
14:31
चंद्रास्त
02:58
दिनमान
12h 48m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
चैत्र
मास (पूर्णिमांत)
चैत्र
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
वसंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:38 – 05:23
अभिजीत मुहूर्त
12:06 – 12:57

अशुभ समय

राहुकाल
10:55 – 12:31
यमगंड
15:43 – 17:19
गुलिक काल
07:43 – 09:19

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र06:0707:11दिन
बुध07:1108:15दिन
चंद्र08:1509:19दिन
शनि09:1910:23दिन
गुरु10:2311:27दिन
मंगल11:2712:31दिन
सूर्य12:3113:35दिन
शुक्र13:3514:39दिन
बुध14:3915:43दिन
चंद्र15:4316:47दिन
शनि16:4717:51दिन
गुरु17:5118:55दिन
मंगल18:5519:51रात
सूर्य19:5120:47रात
शुक्र20:4721:43रात
बुध21:4322:39रात
चंद्र22:3923:35रात
शनि23:3500:31रात
गुरु00:3101:27रात
मंगल01:2702:23रात
सूर्य02:2303:19रात
शुक्र03:1904:15रात
बुध04:1505:10रात
चंद्र05:1006:06रात

अयनांश 24.2382° (लाहिड़ी)। समय पुष्कर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

सूची में से सबसे नज़दीकी शहर चुनें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।