30 अप्रैल 2027 को पुष्कर का चौघड़िया

शुक्रवार, 30 अप्रैल 2027, पुष्कर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शुक्रवार, 30 अप्रैल 2027 को पुष्कर में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण नवमी (17:14 तक), नक्षत्र धनिष्ठा (23:10 तक) और योग शुक्ल है। सूर्योदय 05:55 पर और सूर्यास्त 19:03 पर है। राहुकाल 10:50 से 12:29 तक है।

दिन और रात
दिन 05:55 – 19:03
रात 05:54 तक
तिथि
नवमी, 17:14 तक
दशमी
नक्षत्र
धनिष्ठा, 23:10 तक
शतभिषा
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

30 अप्रैल 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर05:55 – 07:33सामान्य
लाभ07:33 – 09:12शुभ
अमृत09:12 – 10:50शुभ
काल10:50 – 12:29टालें
शुभ12:29 – 14:07शुभ
रोग14:07 – 15:46टालें
उद्वेग15:46 – 17:24टालें
चर17:24 – 19:03सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग19:03 – 20:24टालें
काल20:24 – 21:46टालें
लाभ21:46 – 23:07शुभ
उद्वेग23:07 – 00:28टालें
शुभ00:28 – 01:50शुभ
अमृत01:50 – 03:11शुभ
चर03:11 – 04:33सामान्य
रोग04:33 – 05:54टालें

30 अप्रैल 2027 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
कृष्ण नवमी 17:14 तक
कृष्ण दशमी 18:54, 1 मई तक
नक्षत्र
शतभिषा 01:16, 2 मई तक
योग
शुक्ल 18:25 तक
ब्रह्म 18:43, 1 मई तक
करण
गर 17:14 तक
वणिज 06:08, 1 मई तक
चंद्र राशि
मकर 09:54 तक
सूर्य राशिमेष
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:55
सूर्यास्त
19:03
चंद्रोदय
02:01
चंद्रास्त
13:26
दिनमान
13h 8m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
चैत्र
मास (पूर्णिमांत)
वैशाख
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
वसंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:28 – 05:11
अभिजीत मुहूर्त
12:02 – 12:55

अशुभ समय

राहुकाल
10:50 – 12:29
यमगंड
15:46 – 17:24
गुलिक काल
07:33 – 09:12

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र05:5507:00दिन
बुध07:0008:06दिन
चंद्र08:0609:12दिन
शनि09:1210:17दिन
गुरु10:1711:23दिन
मंगल11:2312:29दिन
सूर्य12:2913:34दिन
शुक्र13:3414:40दिन
बुध14:4015:46दिन
चंद्र15:4616:51दिन
शनि16:5117:57दिन
गुरु17:5719:03दिन
मंगल19:0319:57रात
सूर्य19:5720:51रात
शुक्र20:5121:46रात
बुध21:4622:40रात
चंद्र22:4023:34रात
शनि23:3400:28रात
गुरु00:2801:23रात
मंगल01:2302:17रात
सूर्य02:1703:11रात
शुक्र03:1104:05रात
बुध04:0505:00रात
चंद्र05:0005:54रात

अयनांश 24.2388° (लाहिड़ी)। समय पुष्कर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।