11 मई 2027 को पुष्कर का चौघड़िया

मंगलवार, 11 मई 2027, पुष्कर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

मंगलवार, 11 मई 2027 को पुष्कर में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल षष्ठी (01:24, 12 मई तक), नक्षत्र पुनर्वसु (16:26 तक) और योग शूल है। सूर्योदय 05:47 पर और सूर्यास्त 19:09 पर है। राहुकाल 15:48 से 17:29 तक है।

दिन और रात
दिन 05:47 – 19:09
रात 05:46 तक
तिथि
षष्ठी, 01:24 तक
सप्तमी
नक्षत्र
पुनर्वसु, 16:26 तक
पुष्य
चौघड़िया
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

11 मई 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
रोग05:47 – 07:27टालें
उद्वेग07:27 – 09:07टालें
चर09:07 – 10:48सामान्य
लाभ10:48 – 12:28शुभ
अमृत12:28 – 14:08शुभ
काल14:08 – 15:48टालें
शुभ15:48 – 17:29शुभ
रोग17:29 – 19:09टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
काल19:09 – 20:28टालें
लाभ20:28 – 21:48शुभ
उद्वेग21:48 – 23:08टालें
शुभ23:08 – 00:28शुभ
अमृत00:28 – 01:47शुभ
चर01:47 – 03:07सामान्य
रोग03:07 – 04:27टालें
काल04:27 – 05:46टालें

11 मई 2027 का पंचांग

वारमंगलवार
तिथि
शुक्ल षष्ठी 01:24, 12 मई तक
शुक्ल सप्तमी 23:13, 12 मई तक
नक्षत्र
पुष्य 14:56, 12 मई तक
योग
शूलअशुभ 17:00 तक
गंडअशुभ 14:04, 12 मई तक
करण
कौलव 14:34 तक
तैतिल 01:24, 12 मई तक
गर 12:17, 12 मई तक
चंद्र राशि
मिथुन 10:50 तक
सूर्य राशिमेष
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:47
सूर्यास्त
19:09
चंद्रोदय
10:12
चंद्रास्त
इस दिन चंद्रास्त नहीं
दिनमान
13h 22m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
वैशाख
मास (पूर्णिमांत)
वैशाख
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
वसंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:22 – 05:04
अभिजीत मुहूर्त
12:01 – 12:55

अशुभ समय

राहुकाल
15:48 – 17:29
यमगंड
09:07 – 10:48
गुलिक काल
12:28 – 14:08

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
मंगल05:4706:54दिन
सूर्य06:5408:01दिन
शुक्र08:0109:07दिन
बुध09:0710:14दिन
चंद्र10:1411:21दिन
शनि11:2112:28दिन
गुरु12:2813:35दिन
मंगल13:3514:41दिन
सूर्य14:4115:48दिन
शुक्र15:4816:55दिन
बुध16:5518:02दिन
चंद्र18:0219:09दिन
शनि19:0920:02रात
गुरु20:0220:55रात
मंगल20:5521:48रात
सूर्य21:4822:41रात
शुक्र22:4123:34रात
बुध23:3400:28रात
चंद्र00:2801:21रात
शनि01:2102:14रात
गुरु02:1403:07रात
मंगल03:0704:00रात
सूर्य04:0004:53रात
शुक्र04:5305:46रात

अयनांश 24.2392° (लाहिड़ी)। समय पुष्कर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।