12 मई 2027 को पुष्कर का चौघड़िया

बुधवार, 12 मई 2027, पुष्कर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

बुधवार, 12 मई 2027 को पुष्कर में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल सप्तमी (23:13 तक), नक्षत्र पुष्य (14:56 तक) और योग गंड है। सूर्योदय 05:46 पर और सूर्यास्त 19:09 पर है। राहुकाल 12:28 से 14:08 तक है।

दिन और रात
दिन 05:46 – 19:09
रात 05:46 तक
तिथि
सप्तमी, 23:13 तक
अष्टमी
नक्षत्र
पुष्य, 14:56 तक
आश्लेषा
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

12 मई 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ05:46 – 07:27शुभ
अमृत07:27 – 09:07शुभ
काल09:07 – 10:47टालें
शुभ10:47 – 12:28शुभ
रोग12:28 – 14:08टालें
उद्वेग14:08 – 15:49टालें
चर15:49 – 17:29सामान्य
लाभ17:29 – 19:09शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग19:09 – 20:29टालें
शुभ20:29 – 21:48शुभ
अमृत21:48 – 23:08शुभ
चर23:08 – 00:28सामान्य
रोग00:28 – 01:47टालें
काल01:47 – 03:07टालें
लाभ03:07 – 04:26शुभ
उद्वेग04:26 – 05:46टालें

12 मई 2027 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
शुक्ल सप्तमी 23:13 तक
शुक्ल अष्टमी 21:18, 13 मई तक
नक्षत्र
पुष्य 14:56 तक
आश्लेषा 13:41, 13 मई तक
योग
गंडअशुभ 14:04 तक
वृद्धि 11:20, 13 मई तक
करण
गर 12:17 तक
वणिज 23:13 तक
विष्टि (भद्रा) 10:13, 13 मई तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमेष
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:46
सूर्यास्त
19:09
चंद्रोदय
11:20
चंद्रास्त
00:16
दिनमान
13h 23m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
वैशाख
मास (पूर्णिमांत)
वैशाख
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
वसंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:21 – 05:04
अभिजीत मुहूर्त
12:01 – 12:55 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
12:28 – 14:08
यमगंड
07:27 – 09:07
गुलिक काल
10:47 – 12:28

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध05:4606:53दिन
चंद्र06:5308:00दिन
शनि08:0009:07दिन
गुरु09:0710:14दिन
मंगल10:1411:21दिन
सूर्य11:2112:28दिन
शुक्र12:2813:35दिन
बुध13:3514:42दिन
चंद्र14:4215:49दिन
शनि15:4916:55दिन
गुरु16:5518:02दिन
मंगल18:0219:09दिन
सूर्य19:0920:02रात
शुक्र20:0220:55रात
बुध20:5521:48रात
चंद्र21:4822:41रात
शनि22:4123:34रात
गुरु23:3400:28रात
मंगल00:2801:21रात
सूर्य01:2102:14रात
शुक्र02:1403:07रात
बुध03:0704:00रात
चंद्र04:0004:53रात
शनि04:5305:46रात

अयनांश 24.2392° (लाहिड़ी)। समय पुष्कर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।