13 मई 2027 को पुष्कर का चौघड़िया

गुरुवार, 13 मई 2027, पुष्कर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

गुरुवार, 13 मई 2027 को पुष्कर में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल अष्टमी (21:18 तक), नक्षत्र आश्लेषा (13:41 तक) और योग वृद्धि है। सूर्योदय 05:46 पर और सूर्यास्त 19:10 पर है। राहुकाल 14:08 से 15:49 तक है।

दिन और रात
दिन 05:46 – 19:10
रात 05:45 तक
तिथि
अष्टमी, 21:18 तक
नवमी
नक्षत्र
आश्लेषा, 13:41 तक
मघा
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

13 मई 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ05:46 – 07:26शुभ
रोग07:26 – 09:07टालें
उद्वेग09:07 – 10:47टालें
चर10:47 – 12:28सामान्य
लाभ12:28 – 14:08शुभ
अमृत14:08 – 15:49शुभ
काल15:49 – 17:29टालें
शुभ17:29 – 19:10शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत19:10 – 20:29शुभ
चर20:29 – 21:49सामान्य
रोग21:49 – 23:08टालें
काल23:08 – 00:28टालें
लाभ00:28 – 01:47शुभ
उद्वेग01:47 – 03:06टालें
शुभ03:06 – 04:26शुभ
अमृत04:26 – 05:45शुभ

13 मई 2027 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
शुक्ल अष्टमी 21:18 तक
शुक्ल नवमी 19:39, 14 मई तक
नक्षत्र
मघा 12:42, 14 मई तक
योग
वृद्धि 11:20 तक
ध्रुव 08:50, 14 मई तक
करण
विष्टि (भद्रा) 10:13 तक
बव 21:18 तक
बालव 08:26, 14 मई तक
चंद्र राशि
कर्क 13:41 तक
सूर्य राशिमेष
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:46
सूर्यास्त
19:10
चंद्रोदय
12:25
चंद्रास्त
00:58
दिनमान
13h 24m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
वैशाख
मास (पूर्णिमांत)
वैशाख
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
वसंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:21 – 05:03
अभिजीत मुहूर्त
12:01 – 12:55

अशुभ समय

राहुकाल
14:08 – 15:49
यमगंड
05:46 – 07:26
गुलिक काल
09:07 – 10:47

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु05:4606:53दिन
मंगल06:5308:00दिन
सूर्य08:0009:07दिन
शुक्र09:0710:14दिन
बुध10:1411:21दिन
चंद्र11:2112:28दिन
शनि12:2813:35दिन
गुरु13:3514:42दिन
मंगल14:4215:49दिन
सूर्य15:4916:56दिन
शुक्र16:5618:03दिन
बुध18:0319:10दिन
चंद्र19:1020:03रात
शनि20:0320:56रात
गुरु20:5621:49रात
मंगल21:4922:42रात
सूर्य22:4223:35रात
शुक्र23:3500:28रात
बुध00:2801:20रात
चंद्र01:2002:13रात
शनि02:1303:06रात
गुरु03:0603:59रात
मंगल03:5904:52रात
सूर्य04:5205:45रात

अयनांश 24.2393° (लाहिड़ी)। समय पुष्कर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।