2 अक्टूबर 2027 को पुष्कर का चौघड़िया

शनिवार, 2 अक्टूबर 2027, पुष्कर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शनिवार, 2 अक्टूबर 2027 को पुष्कर में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल तृतीया (02:09, 3 अक्टू॰ तक), नक्षत्र स्वाति (00:03, 3 अक्टू॰ तक) और योग वैधृति है। सूर्योदय 06:24 पर और सूर्यास्त 18:17 पर है। राहुकाल 09:22 से 10:51 तक है।

दिन और रात
दिन 06:24 – 18:17
रात 06:24 तक
तिथि
तृतीया, 02:09 तक
चतुर्थी
नक्षत्र
स्वाति, 00:03 तक
विशाखा
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

2 अक्टूबर 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल06:24 – 07:53टालें
शुभ07:53 – 09:22शुभ
रोग09:22 – 10:51टालें
उद्वेग10:51 – 12:21टालें
चर12:21 – 13:50सामान्य
लाभ13:50 – 15:19शुभ
अमृत15:19 – 16:48शुभ
काल16:48 – 18:17टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ18:17 – 19:48शुभ
उद्वेग19:48 – 21:19टालें
शुभ21:19 – 22:50शुभ
अमृत22:50 – 00:21शुभ
चर00:21 – 01:52सामान्य
रोग01:52 – 03:23टालें
काल03:23 – 04:54टालें
लाभ04:54 – 06:24शुभ

2 अक्टूबर 2027 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
शुक्ल तृतीया 02:09, 3 अक्टू॰ तक
शुक्ल चतुर्थी 01:28, 4 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
स्वाति 00:03, 3 अक्टू॰ तक
विशाखा 00:00, 4 अक्टू॰ तक
योग
वैधृतिअशुभ 15:41 तक
विष्कंभअशुभ 13:45, 3 अक्टू॰ तक
करण
तैतिल 14:46 तक
गर 02:09, 3 अक्टू॰ तक
वणिज 13:43, 3 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकन्या
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:24
सूर्यास्त
18:17
चंद्रोदय
08:32
चंद्रास्त
19:35
दिनमान
11h 53m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:47 – 05:36
अभिजीत मुहूर्त
11:57 – 12:44

अशुभ समय

राहुकाल
09:22 – 10:51
यमगंड
13:50 – 15:19
गुलिक काल
06:24 – 07:53

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि06:2407:23दिन
गुरु07:2308:23दिन
मंगल08:2309:22दिन
सूर्य09:2210:22दिन
शुक्र10:2211:21दिन
बुध11:2112:21दिन
चंद्र12:2113:20दिन
शनि13:2014:19दिन
गुरु14:1915:19दिन
मंगल15:1916:18दिन
सूर्य16:1817:18दिन
शुक्र17:1818:17दिन
बुध18:1719:18रात
चंद्र19:1820:18रात
शनि20:1821:19रात
गुरु21:1922:20रात
मंगल22:2023:20रात
सूर्य23:2000:21रात
शुक्र00:2101:21रात
बुध01:2102:22रात
चंद्र02:2203:23रात
शनि03:2304:23रात
गुरु04:2305:24रात
मंगल05:2406:24रात

अयनांश 24.2447° (लाहिड़ी)। समय पुष्कर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।