19 अक्टूबर 2027 को पुष्कर का चौघड़िया

मंगलवार, 19 अक्टूबर 2027, पुष्कर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

मंगलवार, 19 अक्टूबर 2027 को पुष्कर में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण चतुर्थी (16:42 तक), नक्षत्र रोहिणी (23:16 तक) और योग व्यतीपात है। सूर्योदय 06:32 पर और सूर्यास्त 18:00 पर है। राहुकाल 15:08 से 16:34 तक है।

दिन और रात
दिन 06:32 – 18:00
रात 06:33 तक
तिथि
चतुर्थी, 16:42 तक
पंचमी
नक्षत्र
रोहिणी, 23:16 तक
मृगशिरा
चौघड़िया
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

19 अक्टूबर 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
रोग06:32 – 07:58टालें
उद्वेग07:58 – 09:24टालें
चर09:24 – 10:50सामान्य
लाभ10:50 – 12:16शुभ
अमृत12:16 – 13:42शुभ
काल13:42 – 15:08टालें
शुभ15:08 – 16:34शुभ
रोग16:34 – 18:00टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
काल18:00 – 19:34टालें
लाभ19:34 – 21:08शुभ
उद्वेग21:08 – 22:42टालें
शुभ22:42 – 00:16शुभ
अमृत00:16 – 01:51शुभ
चर01:51 – 03:25सामान्य
रोग03:25 – 04:59टालें
काल04:59 – 06:33टालें

19 अक्टूबर 2027 का पंचांग

वारमंगलवार
तिथि
कृष्ण चतुर्थी 16:42 तक
कृष्ण पंचमी 15:18, 20 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
रोहिणी 23:16 तक
मृगशिरा 22:30, 20 अक्टू॰ तक
योग
व्यतीपातअशुभ 09:17 तक
वरीयान 07:05, 20 अक्टू॰ तक
करण
बालव 16:42 तक
कौलव 04:02, 20 अक्टू॰ तक
तैतिल 15:18, 20 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशितुला
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:32
सूर्यास्त
18:00
चंद्रोदय
20:40
चंद्रास्त
10:09
दिनमान
11h 27m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:52 – 05:42
अभिजीत मुहूर्त
11:53 – 12:39

अशुभ समय

राहुकाल
15:08 – 16:34
यमगंड
09:24 – 10:50
गुलिक काल
12:16 – 13:42

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
मंगल06:3207:30दिन
सूर्य07:3008:27दिन
शुक्र08:2709:24दिन
बुध09:2410:22दिन
चंद्र10:2211:19दिन
शनि11:1912:16दिन
गुरु12:1613:13दिन
मंगल13:1314:11दिन
सूर्य14:1115:08दिन
शुक्र15:0816:05दिन
बुध16:0517:03दिन
चंद्र17:0318:00दिन
शनि18:0019:03रात
गुरु19:0320:05रात
मंगल20:0521:08रात
सूर्य21:0822:11रात
शुक्र22:1123:14रात
बुध23:1400:16रात
चंद्र00:1601:19रात
शनि01:1902:22रात
गुरु02:2203:25रात
मंगल03:2504:27रात
सूर्य04:2705:30रात
शुक्र05:3006:33रात

अयनांश 24.2454° (लाहिड़ी)। समय पुष्कर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।