24 अक्टूबर 2027 को पुष्कर का चौघड़िया

रविवार, 24 अक्टूबर 2027, पुष्कर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

रविवार, 24 अक्टूबर 2027 को पुष्कर में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण नवमी (07:53 तक), नक्षत्र आश्लेषा (17:41 तक) और योग शुभ है। सूर्योदय 06:35 पर और सूर्यास्त 17:55 पर है। राहुकाल 16:30 से 17:55 तक है।

दिन और रात
दिन 06:35 – 17:55
रात 06:36 तक
तिथि
दशमी, 05:40 तक
नक्षत्र
आश्लेषा, 17:41 तक
मघा
चौघड़िया
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

24 अक्टूबर 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग06:35 – 08:00टालें
चर08:00 – 09:25सामान्य
लाभ09:25 – 10:50शुभ
अमृत10:50 – 12:15शुभ
काल12:15 – 13:40टालें
शुभ13:40 – 15:05शुभ
रोग15:05 – 16:30टालें
उद्वेग16:30 – 17:55टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
शुभ17:55 – 19:31शुभ
अमृत19:31 – 21:06शुभ
चर21:06 – 22:41सामान्य
रोग22:41 – 00:16टालें
काल00:16 – 01:51टालें
लाभ01:51 – 03:26शुभ
उद्वेग03:26 – 05:01टालें
शुभ05:01 – 06:36शुभ

24 अक्टूबर 2027 का पंचांग

वाररविवार
तिथि
कृष्ण नवमी 07:53 तक
कृष्ण दशमी 05:40, 25 अक्टू॰ तक
कृष्ण एकादशी 03:22, 26 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
मघा 16:09, 25 अक्टू॰ तक
योग
शुभ 17:47 तक
शुक्ल 14:47, 25 अक्टू॰ तक
करण
गर 07:53 तक
वणिज 18:48 तक
विष्टि (भद्रा) 05:40, 25 अक्टू॰ तक
बव 16:32, 25 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
कर्क 17:41 तक
सूर्य राशितुला
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:35
सूर्यास्त
17:55
चंद्रोदय
00:58
चंद्रास्त
14:24
दिनमान
11h 20m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:54 – 05:45
अभिजीत मुहूर्त
11:53 – 12:38

अशुभ समय

राहुकाल
16:30 – 17:55
यमगंड
12:15 – 13:40
गुलिक काल
15:05 – 16:30

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
सूर्य06:3507:32दिन
शुक्र07:3208:29दिन
बुध08:2909:25दिन
चंद्र09:2510:22दिन
शनि10:2211:19दिन
गुरु11:1912:15दिन
मंगल12:1513:12दिन
सूर्य13:1214:09दिन
शुक्र14:0915:05दिन
बुध15:0516:02दिन
चंद्र16:0216:59दिन
शनि16:5917:55दिन
गुरु17:5518:59रात
मंगल18:5920:02रात
सूर्य20:0221:06रात
शुक्र21:0622:09रात
बुध22:0923:12रात
चंद्र23:1200:16रात
शनि00:1601:19रात
गुरु01:1902:22रात
मंगल02:2203:26रात
सूर्य03:2604:29रात
शुक्र04:2905:32रात
बुध05:3206:36रात

अयनांश 24.2455° (लाहिड़ी)। समय पुष्कर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।