21 नवंबर 2027 को पुष्कर का चौघड़िया

रविवार, 21 नवंबर 2027, पुष्कर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

रविवार, 21 नवंबर 2027 को पुष्कर में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण अष्टमी (17:20 तक), नक्षत्र मघा (21:52 तक) और योग इंद्र है। सूर्योदय 06:54 पर और सूर्यास्त 17:39 पर है। राहुकाल 16:19 से 17:39 तक है।

दिन और रात
दिन 06:54 – 17:39
रात 06:55 तक
तिथि
अष्टमी, 17:20 तक
नवमी
नक्षत्र
मघा, 21:52 तक
पूर्वा फाल्गुनी
चौघड़िया
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

21 नवंबर 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग06:54 – 08:15टालें
चर08:15 – 09:36सामान्य
लाभ09:36 – 10:56शुभ
अमृत10:56 – 12:17शुभ
काल12:17 – 13:38टालें
शुभ13:38 – 14:58शुभ
रोग14:58 – 16:19टालें
उद्वेग16:19 – 17:39टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
शुभ17:39 – 19:19शुभ
अमृत19:19 – 20:58शुभ
चर20:58 – 22:38सामान्य
रोग22:38 – 00:17टालें
काल00:17 – 01:57टालें
लाभ01:57 – 03:36शुभ
उद्वेग03:36 – 05:16टालें
शुभ05:16 – 06:55शुभ

21 नवंबर 2027 का पंचांग

वाररविवार
तिथि
कृष्ण अष्टमी 17:20 तक
कृष्ण नवमी 15:28, 22 नव॰ तक
नक्षत्र
मघा 21:52 तक
योग
इंद्र 19:25 तक
वैधृतिअशुभ 16:43, 22 नव॰ तक
करण
कौलव 17:20 तक
तैतिल 04:23, 22 नव॰ तक
गर 15:28, 22 नव॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिवृश्चिक
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:54
सूर्यास्त
17:39
चंद्रोदय
इस दिन चंद्रोदय नहीं
चंद्रास्त
13:01
दिनमान
10h 45m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
कार्तिक
मास (पूर्णिमांत)
मार्गशीर्ष
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:08 – 06:01
अभिजीत मुहूर्त
11:55 – 12:38

अशुभ समय

राहुकाल
16:19 – 17:39
यमगंड
12:17 – 13:38
गुलिक काल
14:58 – 16:19

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
सूर्य06:5407:48दिन
शुक्र07:4808:42दिन
बुध08:4209:36दिन
चंद्र09:3610:29दिन
शनि10:2911:23दिन
गुरु11:2312:17दिन
मंगल12:1713:11दिन
सूर्य13:1114:04दिन
शुक्र14:0414:58दिन
बुध14:5815:52दिन
चंद्र15:5216:46दिन
शनि16:4617:39दिन
गुरु17:3918:46रात
मंगल18:4619:52रात
सूर्य19:5220:58रात
शुक्र20:5822:05रात
बुध22:0523:11रात
चंद्र23:1100:17रात
शनि00:1701:24रात
गुरु01:2402:30रात
मंगल02:3003:36रात
सूर्य03:3604:42रात
शुक्र04:4205:49रात
बुध05:4906:55रात

अयनांश 24.2466° (लाहिड़ी)। समय पुष्कर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।