20 नवंबर 2027 को पुष्कर का चौघड़िया

शनिवार, 20 नवंबर 2027, पुष्कर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शनिवार, 20 नवंबर 2027 को पुष्कर में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण सप्तमी (19:17 तक), नक्षत्र आश्लेषा (23:07 तक) और योग ब्रह्म है। सूर्योदय 06:54 पर और सूर्यास्त 17:40 पर है। राहुकाल 09:35 से 10:56 तक है।

दिन और रात
दिन 06:54 – 17:40
रात 06:54 तक
तिथि
सप्तमी, 19:17 तक
अष्टमी
नक्षत्र
आश्लेषा, 23:07 तक
मघा
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

20 नवंबर 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल06:54 – 08:14टालें
शुभ08:14 – 09:35शुभ
रोग09:35 – 10:56टालें
उद्वेग10:56 – 12:17टालें
चर12:17 – 13:37सामान्य
लाभ13:37 – 14:58शुभ
अमृत14:58 – 16:19शुभ
काल16:19 – 17:40टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ17:40 – 19:19शुभ
उद्वेग19:19 – 20:58टालें
शुभ20:58 – 22:38शुभ
अमृत22:38 – 00:17शुभ
चर00:17 – 01:56सामान्य
रोग01:56 – 03:36टालें
काल03:36 – 05:15टालें
लाभ05:15 – 06:54शुभ

20 नवंबर 2027 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
कृष्ण सप्तमी 19:17 तक
कृष्ण अष्टमी 17:20, 21 नव॰ तक
नक्षत्र
मघा 21:52, 21 नव॰ तक
योग
ब्रह्म 22:12 तक
इंद्र 19:25, 21 नव॰ तक
करण
विष्टि (भद्रा) 08:18 तक
बव 19:17 तक
बालव 06:18, 21 नव॰ तक
कौलव 17:20, 21 नव॰ तक
चंद्र राशि
कर्क 23:07 तक
सूर्य राशिवृश्चिक
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:54
सूर्यास्त
17:40
चंद्रोदय
23:56
चंद्रास्त
12:24
दिनमान
10h 46m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
कार्तिक
मास (पूर्णिमांत)
मार्गशीर्ष
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:08 – 06:01
अभिजीत मुहूर्त
11:55 – 12:38

अशुभ समय

राहुकाल
09:35 – 10:56
यमगंड
13:37 – 14:58
गुलिक काल
06:54 – 08:14

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि06:5407:47दिन
गुरु07:4708:41दिन
मंगल08:4109:35दिन
सूर्य09:3510:29दिन
शुक्र10:2911:23दिन
बुध11:2312:17दिन
चंद्र12:1713:11दिन
शनि13:1114:04दिन
गुरु14:0414:58दिन
मंगल14:5815:52दिन
सूर्य15:5216:46दिन
शुक्र16:4617:40दिन
बुध17:4018:46रात
चंद्र18:4619:52रात
शनि19:5220:58रात
गुरु20:5822:05रात
मंगल22:0523:11रात
सूर्य23:1100:17रात
शुक्र00:1701:23रात
बुध01:2302:29रात
चंद्र02:2903:36रात
शनि03:3604:42रात
गुरु04:4205:48रात
मंगल05:4806:54रात

अयनांश 24.2466° (लाहिड़ी)। समय पुष्कर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।