13 अप्रैल 2028 को पुष्कर का चौघड़िया

गुरुवार, 13 अप्रैल 2028, पुष्कर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

गुरुवार, 13 अप्रैल 2028 को पुष्कर में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण चतुर्थी (07:29 तक), नक्षत्र ज्येष्ठा (06:30, 14 अप्रैल तक) और योग व्यतीपात है। सूर्योदय 06:10 पर और सूर्यास्त 18:54 पर है। राहुकाल 14:08 से 15:43 तक है।

दिन और रात
दिन 06:10 – 18:54
रात 06:09 तक
तिथि
पंचमी
नक्षत्र
ज्येष्ठा
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

13 अप्रैल 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ06:10 – 07:45शुभ
रोग07:45 – 09:21टालें
उद्वेग09:21 – 10:56टालें
चर10:56 – 12:32सामान्य
लाभ12:32 – 14:08शुभ
अमृत14:08 – 15:43शुभ
काल15:43 – 17:19टालें
शुभ17:19 – 18:54शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत18:54 – 20:19शुभ
चर20:19 – 21:43सामान्य
रोग21:43 – 23:07टालें
काल23:07 – 00:31टालें
लाभ00:31 – 01:56शुभ
उद्वेग01:56 – 03:20टालें
शुभ03:20 – 04:44शुभ
अमृत04:44 – 06:09शुभ

13 अप्रैल 2028 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
कृष्ण चतुर्थी 07:29 तक
कृष्ण पंचमी 07:13, 14 अप्रैल तक
नक्षत्र
ज्येष्ठा 06:30, 14 अप्रैल तक
योग
व्यतीपातअशुभ 07:12 तक
वरीयान 05:52, 14 अप्रैल तक
परिघअशुभ 05:13, 15 अप्रैल तक
करण
बालव 07:29 तक
कौलव 19:14 तक
तैतिल 07:13, 14 अप्रैल तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमीन
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:10
सूर्यास्त
18:54
चंद्रोदय
23:16
चंद्रास्त
08:49
दिनमान
12h 45m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
चैत्र
मास (पूर्णिमांत)
वैशाख
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
वसंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:39 – 05:25
अभिजीत मुहूर्त
12:06 – 12:57

अशुभ समय

राहुकाल
14:08 – 15:43
यमगंड
06:10 – 07:45
गुलिक काल
09:21 – 10:56

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु06:1007:13दिन
मंगल07:1308:17दिन
सूर्य08:1709:21दिन
शुक्र09:2110:24दिन
बुध10:2411:28दिन
चंद्र11:2812:32दिन
शनि12:3213:36दिन
गुरु13:3614:39दिन
मंगल14:3915:43दिन
सूर्य15:4316:47दिन
शुक्र16:4717:51दिन
बुध17:5118:54दिन
चंद्र18:5419:50रात
शनि19:5020:47रात
गुरु20:4721:43रात
मंगल21:4322:39रात
सूर्य22:3923:35रात
शुक्र23:3500:31रात
बुध00:3101:28रात
चंद्र01:2802:24रात
शनि02:2403:20रात
गुरु03:2004:16रात
मंगल04:1605:12रात
सूर्य05:1206:09रात

अयनांश 24.2521° (लाहिड़ी)। समय पुष्कर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।