12 अप्रैल 2028 को पुष्कर का चौघड़िया

बुधवार, 12 अप्रैल 2028, पुष्कर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

बुधवार, 12 अप्रैल 2028 को पुष्कर में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण तृतीया (08:36 तक), नक्षत्र विशाखा (06:36 तक) और योग सिद्धि है। सूर्योदय 06:11 पर और सूर्यास्त 18:54 पर है। राहुकाल 12:32 से 14:08 तक है।

दिन और रात
दिन 06:11 – 18:54
रात 06:10 तक
तिथि
चतुर्थी
नक्षत्र
अनुराधा, 06:08 तक
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

12 अप्रैल 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ06:11 – 07:46शुभ
अमृत07:46 – 09:21शुभ
काल09:21 – 10:57टालें
शुभ10:57 – 12:32शुभ
रोग12:32 – 14:08टालें
उद्वेग14:08 – 15:43टालें
चर15:43 – 17:18सामान्य
लाभ17:18 – 18:54शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग18:54 – 20:18टालें
शुभ20:18 – 21:43शुभ
अमृत21:43 – 23:07शुभ
चर23:07 – 00:32सामान्य
रोग00:32 – 01:56टालें
काल01:56 – 03:21टालें
लाभ03:21 – 04:45शुभ
उद्वेग04:45 – 06:10टालें

12 अप्रैल 2028 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
कृष्ण तृतीया 08:36 तक
कृष्ण चतुर्थी 07:29, 13 अप्रैल तक
नक्षत्र
विशाखा 06:36 तक
अनुराधा 06:08, 13 अप्रैल तक
ज्येष्ठा 06:30, 14 अप्रैल तक
योग
सिद्धि 09:12 तक
व्यतीपातअशुभ 07:12, 13 अप्रैल तक
करण
विष्टि (भद्रा) 08:36 तक
बव 19:57 तक
बालव 07:29, 13 अप्रैल तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमीन
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:11
सूर्यास्त
18:54
चंद्रोदय
22:16
चंद्रास्त
07:56
दिनमान
12h 43m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
चैत्र
मास (पूर्णिमांत)
वैशाख
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
वसंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:40 – 05:25
अभिजीत मुहूर्त
12:07 – 12:58 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
12:32 – 14:08
यमगंड
07:46 – 09:21
गुलिक काल
10:57 – 12:32

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध06:1107:14दिन
चंद्र07:1408:18दिन
शनि08:1809:21दिन
गुरु09:2110:25दिन
मंगल10:2511:29दिन
सूर्य11:2912:32दिन
शुक्र12:3213:36दिन
बुध13:3614:39दिन
चंद्र14:3915:43दिन
शनि15:4316:47दिन
गुरु16:4717:50दिन
मंगल17:5018:54दिन
सूर्य18:5419:50रात
शुक्र19:5020:46रात
बुध20:4621:43रात
चंद्र21:4322:39रात
शनि22:3923:35रात
गुरु23:3500:32रात
मंगल00:3201:28रात
सूर्य01:2802:24रात
शुक्र02:2403:21रात
बुध03:2104:17रात
चंद्र04:1705:13रात
शनि05:1306:10रात

अयनांश 24.2521° (लाहिड़ी)। समय पुष्कर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।