24 सितंबर 2028 को पुष्कर का चौघड़िया

रविवार, 24 सितंबर 2028, पुष्कर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

रविवार, 24 सितंबर 2028 को पुष्कर में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल षष्ठी (06:57 तक), नक्षत्र ज्येष्ठा (02:25, 25 सित॰ तक) और योग प्रीति है। सूर्योदय 06:21 पर और सूर्यास्त 18:25 पर है। राहुकाल 16:55 से 18:25 तक है।

दिन और रात
दिन 06:21 – 18:25
रात 06:21 तक
तिथि
सप्तमी
नक्षत्र
ज्येष्ठा, 02:25 तक
मूल
चौघड़िया
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

24 सितंबर 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग06:21 – 07:51टालें
चर07:51 – 09:22सामान्य
लाभ09:22 – 10:52शुभ
अमृत10:52 – 12:23शुभ
काल12:23 – 13:54टालें
शुभ13:54 – 15:24शुभ
रोग15:24 – 16:55टालें
उद्वेग16:55 – 18:25टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
शुभ18:25 – 19:55शुभ
अमृत19:55 – 21:24शुभ
चर21:24 – 22:54सामान्य
रोग22:54 – 00:23टालें
काल00:23 – 01:53टालें
लाभ01:53 – 03:22शुभ
उद्वेग03:22 – 04:52टालें
शुभ04:52 – 06:21शुभ

24 सितंबर 2028 का पंचांग

वाररविवार
तिथि
शुक्ल षष्ठी 06:57 तक
शुक्ल सप्तमी 06:33, 25 सित॰ तक
नक्षत्र
ज्येष्ठा 02:25, 25 सित॰ तक
मूल 03:21, 26 सित॰ तक
योग
प्रीति 07:08 तक
आयुष्मान 05:43, 25 सित॰ तक
सौभाग्य 04:58, 26 सित॰ तक
करण
तैतिल 06:57 तक
गर 18:38 तक
वणिज 06:33, 25 सित॰ तक
चंद्र राशि
वृश्चिक 02:25, 25 सित॰ तक
सूर्य राशिकन्या
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:21
सूर्यास्त
18:25
चंद्रोदय
12:13
चंद्रास्त
22:45
दिनमान
12h 4m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:46 – 05:33
अभिजीत मुहूर्त
11:59 – 12:47

अशुभ समय

राहुकाल
16:55 – 18:25
यमगंड
12:23 – 13:54
गुलिक काल
15:24 – 16:55

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
सूर्य06:2107:21दिन
शुक्र07:2108:22दिन
बुध08:2209:22दिन
चंद्र09:2210:22दिन
शनि10:2211:23दिन
गुरु11:2312:23दिन
मंगल12:2313:23दिन
सूर्य13:2314:24दिन
शुक्र14:2415:24दिन
बुध15:2416:24दिन
चंद्र16:2417:25दिन
शनि17:2518:25दिन
गुरु18:2519:25रात
मंगल19:2520:25रात
सूर्य20:2521:24रात
शुक्र21:2422:24रात
बुध22:2423:24रात
चंद्र23:2400:23रात
शनि00:2301:23रात
गुरु01:2302:23रात
मंगल02:2303:22रात
सूर्य03:2204:22रात
शुक्र04:2205:22रात
बुध05:2206:21रात

अयनांश 24.2584° (लाहिड़ी)। समय पुष्कर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।