23 सितंबर 2028 को पुष्कर का चौघड़िया

शनिवार, 23 सितंबर 2028, पुष्कर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शनिवार, 23 सितंबर 2028 को पुष्कर में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल पंचमी (08:12 तक), नक्षत्र अनुराधा (02:18, 24 सित॰ तक) और योग विष्कंभ है। सूर्योदय 06:20 पर और सूर्यास्त 18:26 पर है। राहुकाल 09:22 से 10:53 तक है।

दिन और रात
दिन 06:20 – 18:26
रात 06:21 तक
तिथि
षष्ठी
नक्षत्र
अनुराधा, 02:18 तक
ज्येष्ठा
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

23 सितंबर 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल06:20 – 07:51टालें
शुभ07:51 – 09:22शुभ
रोग09:22 – 10:53टालें
उद्वेग10:53 – 12:23टालें
चर12:23 – 13:54सामान्य
लाभ13:54 – 15:25शुभ
अमृत15:25 – 16:56शुभ
काल16:56 – 18:26टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ18:26 – 19:56शुभ
उद्वेग19:56 – 21:25टालें
शुभ21:25 – 22:54शुभ
अमृत22:54 – 00:24शुभ
चर00:24 – 01:53सामान्य
रोग01:53 – 03:22टालें
काल03:22 – 04:51टालें
लाभ04:51 – 06:21शुभ

23 सितंबर 2028 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
शुक्ल पंचमी 08:12 तक
शुक्ल षष्ठी 06:57, 24 सित॰ तक
नक्षत्र
अनुराधा 02:18, 24 सित॰ तक
ज्येष्ठा 02:25, 25 सित॰ तक
योग
विष्कंभअशुभ 09:14 तक
प्रीति 07:08, 24 सित॰ तक
करण
बालव 08:12 तक
कौलव 19:28 तक
तैतिल 06:57, 24 सित॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकन्या
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:20
सूर्यास्त
18:26
चंद्रोदय
11:11
चंद्रास्त
21:49
दिनमान
12h 6m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:45 – 05:33
अभिजीत मुहूर्त
11:59 – 12:48

अशुभ समय

राहुकाल
09:22 – 10:53
यमगंड
13:54 – 15:25
गुलिक काल
06:20 – 07:51

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि06:2007:21दिन
गुरु07:2108:21दिन
मंगल08:2109:22दिन
सूर्य09:2210:22दिन
शुक्र10:2211:23दिन
बुध11:2312:23दिन
चंद्र12:2313:24दिन
शनि13:2414:24दिन
गुरु14:2415:25दिन
मंगल15:2516:25दिन
सूर्य16:2517:26दिन
शुक्र17:2618:26दिन
बुध18:2619:26रात
चंद्र19:2620:25रात
शनि20:2521:25रात
गुरु21:2522:24रात
मंगल22:2423:24रात
सूर्य23:2400:24रात
शुक्र00:2401:23रात
बुध01:2302:23रात
चंद्र02:2303:22रात
शनि03:2204:22रात
गुरु04:2205:21रात
मंगल05:2106:21रात

अयनांश 24.2584° (लाहिड़ी)। समय पुष्कर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।