14 नवंबर 2028 को पुष्कर का चौघड़िया

मंगलवार, 14 नवंबर 2028, पुष्कर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

मंगलवार, 14 नवंबर 2028 को पुष्कर में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण त्रयोदशी (00:35, 15 नव॰ तक), नक्षत्र चित्रा (03:49, 15 नव॰ तक) और योग प्रीति है। सूर्योदय 06:50 पर और सूर्यास्त 17:42 पर है। राहुकाल 14:59 से 16:20 तक है।

दिन और रात
दिन 06:50 – 17:42
रात 06:50 तक
तिथि
त्रयोदशी, 00:35 तक
चतुर्दशी
नक्षत्र
चित्रा, 03:49 तक
स्वाति
चौघड़िया
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

14 नवंबर 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
रोग06:50 – 08:11टालें
उद्वेग08:11 – 09:33टालें
चर09:33 – 10:54सामान्य
लाभ10:54 – 12:16शुभ
अमृत12:16 – 13:37शुभ
काल13:37 – 14:59टालें
शुभ14:59 – 16:20शुभ
रोग16:20 – 17:42टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
काल17:42 – 19:20टालें
लाभ19:20 – 20:59शुभ
उद्वेग20:59 – 22:37टालें
शुभ22:37 – 00:16शुभ
अमृत00:16 – 01:55शुभ
चर01:55 – 03:33सामान्य
रोग03:33 – 05:12टालें
काल05:12 – 06:50टालें

14 नवंबर 2028 का पंचांग

वारमंगलवार
तिथि
कृष्ण त्रयोदशी 00:35, 15 नव॰ तक
कृष्ण चतुर्दशी 21:34, 15 नव॰ तक
नक्षत्र
चित्रा 03:49, 15 नव॰ तक
स्वाति 01:34, 16 नव॰ तक
योग
प्रीति 14:25 तक
आयुष्मान 10:42, 15 नव॰ तक
करण
गर 14:08 तक
वणिज 00:35, 15 नव॰ तक
विष्टि (भद्रा) 11:04, 15 नव॰ तक
चंद्र राशि
कन्या 16:59 तक
सूर्य राशितुला
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:50
सूर्यास्त
17:42
चंद्रोदय
04:13
चंद्रास्त
15:46
दिनमान
10h 52m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
कार्तिक
मास (पूर्णिमांत)
मार्गशीर्ष
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:05 – 05:57
अभिजीत मुहूर्त
11:54 – 12:37

अशुभ समय

राहुकाल
14:59 – 16:20
यमगंड
09:33 – 10:54
गुलिक काल
12:16 – 13:37

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
मंगल06:5007:44दिन
सूर्य07:4408:38दिन
शुक्र08:3809:33दिन
बुध09:3310:27दिन
चंद्र10:2711:21दिन
शनि11:2112:16दिन
गुरु12:1613:10दिन
मंगल13:1014:04दिन
सूर्य14:0414:59दिन
शुक्र14:5915:53दिन
बुध15:5316:47दिन
चंद्र16:4717:42दिन
शनि17:4218:47रात
गुरु18:4719:53रात
मंगल19:5320:59रात
सूर्य20:5922:05रात
शुक्र22:0523:10रात
बुध23:1000:16रात
चंद्र00:1601:22रात
शनि01:2202:27रात
गुरु02:2703:33रात
मंगल03:3304:39रात
सूर्य04:3905:45रात
शुक्र05:4506:50रात

अयनांश 24.2604° (लाहिड़ी)। समय पुष्कर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।