29 दिसंबर 2028 को पुष्कर का चौघड़िया

शुक्रवार, 29 दिसंबर 2028, पुष्कर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शुक्रवार, 29 दिसंबर 2028 को पुष्कर में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल त्रयोदशी (23:36 तक), नक्षत्र रोहिणी (05:10, 30 दिस॰ तक) और योग शुभ है। सूर्योदय 07:19 पर और सूर्यास्त 17:48 पर है। राहुकाल 11:15 से 12:34 तक है।

दिन और रात
दिन 07:19 – 17:48
रात 07:19 तक
तिथि
त्रयोदशी, 23:36 तक
चतुर्दशी
नक्षत्र
रोहिणी, 05:10 तक
मृगशिरा
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

29 दिसंबर 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर07:19 – 08:37सामान्य
लाभ08:37 – 09:56शुभ
अमृत09:56 – 11:15शुभ
काल11:15 – 12:34टालें
शुभ12:34 – 13:52शुभ
रोग13:52 – 15:11टालें
उद्वेग15:11 – 16:30टालें
चर16:30 – 17:48सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग17:48 – 19:30टालें
काल19:30 – 21:11टालें
लाभ21:11 – 22:52शुभ
उद्वेग22:52 – 00:34टालें
शुभ00:34 – 02:15शुभ
अमृत02:15 – 03:56शुभ
चर03:56 – 05:38सामान्य
रोग05:38 – 07:19टालें

29 दिसंबर 2028 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
शुक्ल त्रयोदशी 23:36 तक
शुक्ल चतुर्दशी 23:14, 30 दिस॰ तक
नक्षत्र
रोहिणी 05:10, 30 दिस॰ तक
मृगशिरा 05:16, 31 दिस॰ तक
योग
शुभ 03:08, 30 दिस॰ तक
शुक्ल 01:34, 31 दिस॰ तक
करण
कौलव 11:34 तक
तैतिल 23:36 तक
गर 11:30, 30 दिस॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिधनु
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:19
सूर्यास्त
17:48
चंद्रोदय
15:37
चंद्रास्त
04:59
दिनमान
10h 30m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
पौष
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:30 – 06:25
अभिजीत मुहूर्त
12:13 – 12:54

अशुभ समय

राहुकाल
11:15 – 12:34
यमगंड
15:11 – 16:30
गुलिक काल
08:37 – 09:56

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र07:1908:11दिन
बुध08:1109:04दिन
चंद्र09:0409:56दिन
शनि09:5610:49दिन
गुरु10:4911:41दिन
मंगल11:4112:34दिन
सूर्य12:3413:26दिन
शुक्र13:2614:18दिन
बुध14:1815:11दिन
चंद्र15:1116:03दिन
शनि16:0316:56दिन
गुरु16:5617:48दिन
मंगल17:4818:56रात
सूर्य18:5620:04रात
शुक्र20:0421:11रात
बुध21:1122:19रात
चंद्र22:1923:26रात
शनि23:2600:34रात
गुरु00:3401:41रात
मंगल01:4102:49रात
सूर्य02:4903:56रात
शुक्र03:5605:04रात
बुध05:0406:11रात
चंद्र06:1107:19रात

अयनांश 24.2621° (लाहिड़ी)। समय पुष्कर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।