11 जनवरी 2029 को पुष्कर का चौघड़िया

गुरुवार, 11 जनवरी 2029, पुष्कर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

गुरुवार, 11 जनवरी 2029 को पुष्कर में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण द्वादशी (23:50 तक), नक्षत्र अनुराधा (15:10 तक) और योग गंड है। सूर्योदय 07:21 पर और सूर्यास्त 17:58 पर है। राहुकाल 13:59 से 15:18 तक है।

दिन और रात
दिन 07:21 – 17:58
रात 07:21 तक
तिथि
द्वादशी, 23:50 तक
त्रयोदशी
नक्षत्र
अनुराधा, 15:10 तक
ज्येष्ठा
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

11 जनवरी 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ07:21 – 08:41शुभ
रोग08:41 – 10:00टालें
उद्वेग10:00 – 11:20टालें
चर11:20 – 12:39सामान्य
लाभ12:39 – 13:59शुभ
अमृत13:59 – 15:18शुभ
काल15:18 – 16:38टालें
शुभ16:38 – 17:58शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत17:58 – 19:38शुभ
चर19:38 – 21:18सामान्य
रोग21:18 – 22:59टालें
काल22:59 – 00:39टालें
लाभ00:39 – 02:20शुभ
उद्वेग02:20 – 04:00टालें
शुभ04:00 – 05:41शुभ
अमृत05:41 – 07:21शुभ

11 जनवरी 2029 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
कृष्ण द्वादशी 23:50 तक
कृष्ण त्रयोदशी 23:06, 12 जन॰ तक
नक्षत्र
ज्येष्ठा 14:56, 12 जन॰ तक
योग
गंडअशुभ 14:19 तक
वृद्धि 12:23, 12 जन॰ तक
करण
कौलव 12:21 तक
तैतिल 23:50 तक
गर 11:26, 12 जन॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिधनु
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:21
सूर्यास्त
17:58
चंद्रोदय
04:09
चंद्रास्त
14:47
दिनमान
10h 37m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
माघ
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:34 – 06:27
अभिजीत मुहूर्त
12:18 – 13:01

अशुभ समय

राहुकाल
13:59 – 15:18
यमगंड
07:21 – 08:41
गुलिक काल
10:00 – 11:20

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु07:2108:14दिन
मंगल08:1409:07दिन
सूर्य09:0710:00दिन
शुक्र10:0010:53दिन
बुध10:5311:46दिन
चंद्र11:4612:39दिन
शनि12:3913:32दिन
गुरु13:3214:25दिन
मंगल14:2515:18दिन
सूर्य15:1816:12दिन
शुक्र16:1217:05दिन
बुध17:0517:58दिन
चंद्र17:5819:05रात
शनि19:0520:12रात
गुरु20:1221:18रात
मंगल21:1822:25रात
सूर्य22:2523:32रात
शुक्र23:3200:39रात
बुध00:3901:46रात
चंद्र01:4602:53रात
शनि02:5304:00रात
गुरु04:0005:07रात
मंगल05:0706:14रात
सूर्य06:1407:21रात

अयनांश 24.2626° (लाहिड़ी)। समय पुष्कर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।